बिलासपुर सिविल लाइंस थाने में आईपीएस और टीआई भिड़े; किडनैपिंग के केस में आधी रात हाई प्रोफाइल ड्रामा, दो लोग गिरफ्तार

Chhattisgarh Crimes

बिलासपुर। किडनैपिंग की कोशिश के एक केस में रविवार को आधी रात सिविल लाइंस थाने में हाई प्रोफाइल ड्रामा हुआ। आरोपियों पर एफआईआर और कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाकर प्रोबेशनर आईपीएस विकास कुमार और टीआई जेपी गुप्ता भिड़ गए। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक प्रोबेशनर आईपीएस विकास कुमार रात में सिविल लाइंस थाने में थे, तभी अमित सिंह ठाकुर पहुंचा। अमित ने बताया कि बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा नाम के लोग अपहरण करने की कोशिश कर रहे थे। आईपीएस अपनी टीम के साथ निकलने ही वाले थे कि बोदकू और दिलीप दोनों ही कार से थाने के सामने पहुंच गए। अमित ने बताया कि यही आरोपी हैं।

पुलिस ने जांच की तो गाड़ी से हथियार मिले। दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया। इस बीच टीआई जेपी गुप्ता पहुंचे। ऐसी चर्चा है कि प्रोबेशनर आईपीएस ने तत्काल एफआईआर कर दोनों को गिरफ्तार करने कहा, लेकिन टीआई इसके पक्ष में नहीं थे, इसलिए दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी। यहां तक कि जब घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज चेक करने की बात आई, तब टीआई दोनों आरोपियों को ही लेकर जा रहे थे। इस बात पर भी आईपीएस ने आपत्ति की। इस बीच बचाव के लिए कांग्रेस के पार्षद भी थाने पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने पहले बोदकू और दिलीप के खिलाफ अपराध दर्ज किया। इसके कुछ देर बाद अजय सिंह नाम के युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने गौतम सिंह और अमित सिंह कें खिलाफ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट लिखाई है। अजय के मुताबिक वह बोदकू और दिलीप के मामले में गवाही देने के लिए थाने पहुंचा था। जब वहां से जाने लगा, तब गौतम और अमित सिंह ने गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला जमीन के लेनदेन से जुड़ा है। अमित सिंह जमीन का काम करता है। इसी से जुड़े मामले में मुंगेली नाका चौक के पास अमित और दिलीप व बोदकू के बीच विवाद हुआ। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विधायक द्वारा एसपी-आईजी को फोन करने की बात भी सामने आ रही है।

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