
सतनामी समाज, क्रांति सेना और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और करीब 6 घंटे तक पुलिस को शव का पंचनामा नहीं करने दिया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर संबंधित आरक्षकों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब शव को नीचे उतारा गया।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्रीटोला वार्ड क्रमांक 12 निवासी पुरानिक जोशी (52) और उनके भतीजे पूनम जोशी को शनिवार शाम करीब 7 बजे पुरूर पुलिस के 3 आरक्षकों ने घर से 6 देशी पौवा शराब के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों को उसी रात मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि, रविवार को पुरानिक जोशी अपने चप्पल लेने थाने गए थे। वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे 15 से 20 हजार रुपए की मांग की और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद पुरानिक ने मोहल्ले में लोगों को बताया कि वह जेल जाने वाला है और जमानत कराने वाला कोई नहीं है, इसलिए वह आत्महत्या कर लेगा।
सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे पुरानिक जोशी का शव उनके पुराने घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया।
मोहल्ले में घूम-घूमकर बताया पुलिसकर्मी पैसे मांग रहे
मिर्रीटोला के पूर्व पंच अजय डहरिया ने बताया कि, मृतक पुरानिक उनका करीबी दोस्त था। आत्महत्या वाले दिन पुरानिक मोहल्ले में घूम-घूमकर बता रहा था कि पुरूर थाने में पदस्थ 3 कॉन्स्टेबल उससे पैसे मांग रहे हैं। वह डरा हुआ था और आत्महत्या की बात कह रहा था। समझाने के बावजूद उसने अपने पुराने मकान में फांसी लगाकर जान दे दी।
पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, क्रांति सेना के नेता निखिल दीवान, सतनामी समाज के कोमल संभाकर ने पुलिस प्रशासन से जांच की मांग की। जिसके बाद मामला शांत हुआ। दोपहर 3 बजे गुरुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शाम 6 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं पूरे मामले में पुरूर टीआई मनीष सेन्डे ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप पर कहा कि, बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं।