
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जल्द से जल्द बाईपास की मरम्मत और नवीनीकरण की मांग की। युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी ने कहा कि, सड़क की हालत ऐसी है कि लोग जान हथेली पर रखकर यहां से गुजरते हैं। जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, हम आंदोलन जारी रखेंगे।
सड़क की हालत बदतर
स्थानीय लोगों ने बताया कि, यह बाईपास कई साल पहले बना था, लेकिन इतने समय में अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा यह है कि सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और बरसात में जगह-जगह गड्ढे जानलेवा बन गए हैं।
बाईपास का नवीनीकरण करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से किया जाना है। 1.5 किलोमीटर लंबे इस रोड पर फिलहाल काम अधूरा पड़ा है। जिसके कारण निर्माण स्थल पर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहन फंस जाते हैं और दुर्घटनाओं का ख़तरा लगातार बना हुआ है।
कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग
इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच तीखी बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने सड़क की दुर्दशा के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया कि, काम की धीमी गति सरकार की लापरवाही का नतीजा है।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें
- बाईपास का जल्द से जल्द नवीनीकरण हो।
- निर्माण के दौरान सड़क पर यातायात के वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाए जाएं।
- बारिश के पहले अस्थायी मरम्मत कर गड्ढों को भरा जाए ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।