खबर लगातार: बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क जाम को लेकर रणनीति बनाने राजापडा़व क्षेत्र में ग्रामीण मुखियाओ ने की बैठक

Chhattisgarh Crimes

मैनपुर। हर साल क्षेत्र के बुनियादी सुविधाओं को लेकर हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी सैद्धांतिक रूप से धरना प्रदर्शन आंदोलन पदयात्रा करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों सहित शासन प्रशासन को मौखिक,लिखित में ज्ञापन देते हुए बरसों बीतने को है। लेकिन क्षेत्र की प्रमुख मांगे शिक्षा स्वास्थ्य पुल पुलिया बिजली पात्र धारियों को वन अधिकार पत्र के दिशा में सकारात्मक पहल शासन प्रशासन के द्वारा नहीं किया जाना क्षेत्रवासियों को एक बार और आर पार की लड़ाई के लिए मजबूर कर रहा है।

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सैन्धातिक आंदोलनकारी दलसूराम मरकाम ने छत्तीसगढ़ क्राइम्स को बताया की जब जब शोषित पीड़ित वंचित समुदाय अपने हक अधिकार को लेने के लिए तैयार होती है तो वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा समझाइश देते हुए आंदोलन नहीं करने का सुझाव दिया जाता है। मान मन्नौवल का दौर शुरू होकर क्षेत्रों में सर्वे एवं कार्यौ का एस्टीमेट बनना भी चालू हो जाता है। कुछ दिनों में मामला ठंडा होने के साथ ही क्षेत्रवासियों को वही नरकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ता है।

समझाईशकर्ता अधिकारी आज है तो कल चले जाएंगे लेकिन क्षेत्र के समस्या जस की तस बनी रहेगी, हम किस पर विश्वास करें कैसे विश्वास करें ऐसा खेल बरसों से चलता आ रहा है। इसलिए अबकी बार भी सैद्धांतिक तौर तरीके से अपने हक और अधिकार को लेने के लिए चाहे जैसा भी हो सड़क जाम एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करना ही होगा हमारी मांगे को सरकार पूरी करें।

विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों के ग्राम पंचायत अड़गड़ी,शोभा, कोकड़ी, गोना, भूतबेड़ा, कोचेंगा, गरहाडीह, गौरगाँव के 65 गांव पारा टोला के ग्रामीणों को आजादी के 75 वें साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन, पुल पुलिया, बिजली, वन अधिकार पट्टा के लिए ग्रामीणों को जद्दोजहद करना पड रहा है। मुखियाओ ने बताया कि मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए क्षेत्रवासियों के द्वारा कई बार आंदोलन धरना प्रदर्शन किए जाने के बाद भी आज तक शासन-प्रशासन के द्वारा किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया गया है जिसके चलते अबकी बार नेशनल हाईवे मार्ग पर चक्का जाम कर कुंभकर्णी नींद में सोए शासन-प्रशासन को जगाने का मन ग्रामीणों ने ठाना हैं। ग्रामीणों ने हमारे सामने अपनी जो समस्या रखी उसके प्रमुख अंश हम आपको बता रहे हैं।

विद्युतीकरण का आभाव

राजापडा़व क्षेत्र के 8 ग्राम पंचायतों में से 3 ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण किया गया है। 5 पंचायतों के गांव में अभी तक बिजली नहीं लग पाई है। विद्युतीकरण के आभाव में ग्रामीण किस तरह से अपनी ज़िंदगी गुजर बसर कर रहे होंगे यह अंदाजा लगाया जा सकता। शासन-प्रशासन द्वारा उजियारा (विद्युतीकरण) के नाम पर आश्वासन ही दिया। ग्रामीणों की मांग की तत्काल विद्युतीकरण किया जावे।

पुल पुलिया का आभाव

राजापड़ाव क्षेत्र के 8 ग्राम पंचायतों से होकर आवाजाही होने वाला पक्की सड़क मार्ग राजापडाव से गौरगाँव गोना,गरीबा मार्ग में जरहीडीह,अडगडी, शोभा, शुक्लाभाठा, गरहाडीह, गौरगाँव, भूतबेडा़, बाहरापारा, कोचेंगा, भाँठापानी मार्ग पर तत्काल पुल पुलिया का निर्माण किया जावे।

शिक्षा का हो विस्तारीकरण

ग्राम पंचायत भूतबेड़ा मे हाई स्कूल, शोभा में हायर सेकेंडरी स्कूल मोंगराडीह,गौरगाँव में बालक आश्रम नितांत आवश्यक है। स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शोभा को पूर्णरूपेण स्वीकृति प्रदान करते हुए भवन एवं चिकित्सकों की तत्काल नियुक्ति के साथ ही क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों में महिला /पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी को तत्काल पूरा किया किया जावे।

वन अधिकार पत्र मिले

2018 में वन अधिकार पत्र के लिए पात्र धारियों का दावा प्रपत्र समितियों से अनुशंसा होकर के जिला स्तरीय समिति में रखा हुआ है। जिन्हें तत्काल पात्र हितग्राहियों को सौंपी जावे इसके अलावा शेष छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को प्रक्रिया बद्ध वन अधिकार पत्र दिया जावे।

बुनियादी सुविधाओं के मांग पर शासन प्रशासन के द्वारा गंभीर नही होने के कारण हजारों की संख्या में पूरे राजापडा़व क्षेत्र वासियों के द्वारा 28 मार्च दिन सोमवार को देवभोग रायपुर पक्की सड़क मार्ग राजापड़ाव पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम किए जाने का फैसला किया है। जिसका तैयारी बैठक राजापडा़व क्षेत्र के ग्राम कोकड़ी में 17 मार्च दिन गुरुवार को आयोजित हुआ जिसमें क्षेत्र के पुरुषोत्तम राम,राजकुमार मरकाम,सियाराम,ठाकुर राम मंडावी, गंगा राम मरकाम, लच्छू राम, नकलाल पुजारी,गोविंद राम नेताम, अजीत राम, श्यामा मरकाम, सुंदरलाल, सदाराम, राधेलाल, भुनेश्वर,प्रेम सिंह, पुना राम मरकाम,धन सिंह, भानु राम, शंकर के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच प्रतिनिधि व पूर्व जनप्रतिनिधि सहित क्षेत्र के ग्रामीण जन शामिल रहे।