
पूरन मेश्राम/मैनपुर। गोहरापदर से उरमाल तक के सड़क काफी जर्जर हो गई है। जगह-जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। बरसात में पानी भरे होने के कारण यहां दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। कई बार संबंधित अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बावजूद भी सड़क नहीं सुधर पाई है।
युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने क्षेत्रीय दौरा कर प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिले में सड़कों की जाल बिछा कर विकास के दावे किए जा रहे हैं। गांव-गांव में आवागमन के साधन के लिए सड़कें बनाई जा रहीं हैं। पर देखरेख के अभाव एवं गुणवत्ता में कमी के चलते सड़कें पहले ही जर्जर हो रही हैं। ये सड़कें जनता के लिए परेशानी का सबब बनकर आए दिन दुर्घटना को आमंत्रित कर रही हैं। मजबूरी में जनता उन बदहाल सड़कों पर जान जोखिम में डाल कर यात्रा करने को मजबूर हो रहे है। इन सड़कों पर विकास का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि भी यात्रा करते हैं। पर वे भी पद में आने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं।
गोहरापदर से उरमाल को जोड़ने वाली पक्की सड़क काफी इंतजार के बाद बनी थी। पर बनने के दो साल में ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी। वर्तमान में इस सड़क की हालत यह है कि कई स्थानों पर सड़क है या नहीं, इसका पता ही नहीं चलता। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
बार-बार मांग के बाद भी नहीं सुधरी दशा
इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को इस सड़क के सुधार करने की मांग की। पर आज तक न तो सड़क सुधरी और न ही लोगों को राहत मिली। जिसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीण व्यथित हैं। सड़क की उपेक्षा से यह साबित हो जाता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ऐसे मामलों में कितने संवेदनशील हैं।