
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना जांबाज सैनिकों का अपमान करने के लिए बनाई है। अग्निवीरों की शहादत को मानने से भाजपा इनकार कर देती है और इसके बाद उनके परिवारों को न तो पेंशन मिलती है, न ही कोई अन्य लाभ मिलता है। राहुल ने इस पोस्ट के साथ सियाचिन में ड्यूटी पर जान गंवाने वाले अग्निवीर गावते अक्षय लक्ष्मण की तस्वीर भी शेयर की।
भारतीय सेना ने राहुल के इस पोस्ट पर तो कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन X पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि अग्निवीर अक्षय लक्ष्मण के परिवार को एक करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद की जाएगी। सेना ने लिखा कि सोशल मीडिया पर कई गलत मैसेज लिखे जा रहे हैं। इसलिए यहां साफ करना जरूरी है कि मृतक सैनिक के परिवार को नियमों के मुताबिक उपयुक्त आर्थिक सहायता दी जाती है।
पिता बोले- 20 अक्टूबर को बेटे से आखिरी बार बात की
अग्निवीर गवते अक्षय लक्ष्मण का पार्थिव शरीर आज उनके आवास पर लाया जाएगा। अक्षय के पिता लक्ष्मण गवाते ने बताया- अक्षय पढ़ने में बहुत होशियार था। उसने बीकॉम की पढ़ाई की थी और आर्मी में भर्ती होना चाहता था। 20 तारीख को उससे आखिरी बार मेरी बातचीत हुई थी। तब उसने मेरी और अपनी मां की तबीयत के बारे में पूछा था। उसने कहा था कि मेरा सबकुछ ठीक है।
मृतक अग्निवीर के परिवार को मिलेगी ये मदद…
- इंश्योरेंस राशि- 48 लाख रुपए
- अग्निवीर द्वारा जमा कराई गई सेवा निधि (सैलरी का 30%) जिसमें सरकार की तरफ से इतना ही योगदान दिया जाएगा (इंटरेस्ट समेत)
- अनुग्रह राशि- 44 लाख रुपए
- मृत्यु की तारीख से चार साल की सेवा पूरी होने तक की पूरी सैलरी (इस मामले में 13 लाख रुपए)
- आर्म्ड फोर्सेस बैटल कैजुअलिटी फंड से 8 लाख रुपए
- आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से तुरंत मदद- 30 हजार रुपए
भाजपा IT सेल हेड ने राहुल के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया
भाजपा के IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी के बयान को बकवास और गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने X पर पोस्ट किया- अग्निवीर गावते अक्षय लक्ष्मण ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है, इसलिए वे बैटल कैजुअलिटी के तहत मिलने वाली मदद के पात्र हैं। उनके परिवार को पूरी सहायता दी जाएगी। इसलिए फेक न्यूज फैलाना बंद कीजिए। आप प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, तो प्रधानमंत्री जैसा आचरण करने की कोशिश कीजिए।