
इस दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट कार्य की संपूर्ण जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि, निर्माण में सभी मानकों का ध्यान रखा गया है।
साव ब्रिज निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत भेलवाडीह के पास पहुंचे, यहां उन्होंने सड़क निर्माण के संबंध पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली।प्रदेश की जनता को मिलेगा लाभ
अरुण साव ने निरीक्षण के बाद कहा कि, भारत सरकार की यह क्रांतिकारी परियोजना है, इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। इस हाईवे के बन जाने के बाद विशाखापट्टनम जाने में लंबी दूरी तय करना नहीं पड़ेगा। साथ ही यह आर्थिक गलियारा के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगा।464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे
बता दें कि, रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे।
यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह पर समाप्त होगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है।विशाखापट्टनम की दूरी कम
डिप्टी सीएम अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेसवे का गुणवत्तापूर्ण निर्माण करें। इससे छत्तीसगढ़ की जनता को बड़ा लाभ होगा, विशाखापट्टनम की दूरी कम होगी। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।विशाखापट्टनम की दूरी कम
डिप्टी सीएम अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेसवे का गुणवत्तापूर्ण निर्माण करें। इससे छत्तीसगढ़ की जनता को बड़ा लाभ होगा, विशाखापट्टनम की दूरी कम होगी। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।