
बिलासपुर। दीवार की पोताई को लेकर उपजे विवाद के बाद क्रिकेटर अमित मिश्रा के परिवार को लहूलुहान करने वाले 4 आरोपी सरकण्डा पुलिस के हत्थे चढ़े है दो दिन पूर्व हुई घटना में लाठी डंडा रॉड से हमला करने वाले आरोपियों ने गर्भवती महिला को भी नही बख्शा था। मारपीट में गम्भीर युवक को सिम्स से अपोलो शिफ्ट किया गया है। तत्कालीन निगम अफसर ओपी तिवारी से अभद्रता करने पर धारा 307 का अपराध पंजीबद्ध करने वाली बिलासपुर पुलिस घर घुसकर किए गए जानलेवा हमले में धाराओं की आंकड़ेबाजी में उलझी दिखाई दी। बड़ी घटना होने के बावजूद सरकण्डा पुलिस पर मामूली धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का आरोप पीड़ित पक्ष ने लगाया है ।
मिली जानकारी के अनुसार बीते रविवार को कृष्ना बिहार सरकंडा में रहने वाले चंद्रिका प्रसाद मिश्रा के मकान से सट कर बने मकान में रहने वाले गंगाधर मिश्रा दोनों घर के बीच दीवाल में पुताई करवाने लगे, जिन्हें कुछ देर रुकने के लिए कहा गया क्योंकि चंद्रिका प्रसाद मिश्रा उस वक्त पूजा कर रहे थे। लेकिन गंगाधर मिश्रा, उसके भाई और बेटों को रुकना नागवार गुजरा और आरोपी डंडा, रॉड, स्टंप आदि लेकर चंद्रिका प्रसाद मिश्रा के घर में घुस गए और बुजुर्ग एवं महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया। इन लोगों ने गर्भवती महिला को भी नहीं बख्शा। इस मारपीट में बुजुर्ग चंद्रिका प्रसाद के अलावा उनकी बुजुर्ग पत्नी, बेटे, बहु ,बेटी घायल हुए।
आरोपियों ने चंद्रिका प्रसाद मिश्रा के घर उस वक्त पहुंचे शंकर नगर निवासी राजेश तिवारी की भी पिटाई कर दी, जिनके द्वारा सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना के 3 दिन बाद सरकंडा पुलिस ने कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी गंगाधर मिश्रा, गीतांजलि सिटी फेस टू निवासी नत्थू लाल मिश्रा, कृष्णा विहार निवासी संजय मिश्रा और संतोष मिश्रा को गिरफ्तार किया है। हालांकि पीड़ित परिवार का यह आरोप है कि पुलिस ने मामूली धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है और आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए था जो नही किया गया ।