
अंबिकापुर। उत्तरी छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक हाथी प्रभावित प्रतापपुर के मसगा जंगल में जंगली हाथी के हमले से ग्राम टूकुडांड के पूर्व सरपंच धनाराम की मौत हो गई।एक अन्य व्यक्ति जान बचाकर भाग निकला।दोनों सामाजिक कार्यक्रम से वापस लौट रहे थे। इनकी नैनो कार अचानक बंद हो गई थी।उसी दौरान हाथी पहुंच गया।पूर्व सरपंच को पटक मार डाला जबकि दूसरा व्यक्ति भाग निकला।घटना से ग्रामीणों में शोक व आक्रोश है। वन विभाग जंगली हाथी की निगरानी में लगा हुआ है।
बताया जा रहा है कि मृतक धनाराम ग्राम पंचायत टुकुडांड के पूर्व सरपंच थे, वे अपने एक अन्य साथी के साथ अपनी नैनो कार से मसगा में एक सामाजिक बैठक में शामिल होने गए थे। सोमवार रात लगभग आठ बजे दोनों वापस अपने गांव लौट रहे थे। मसगा जंगल में एक अन्य वाहन को साइड देने के चक्कर में उनकी नैनो कार का एक हिस्सा सड़क से नीचे उतर गया था और गाड़ी बन्द हो गई थी।
कार में सिर्फ दो ही लोग थे और वह चालू नहीं हो रही थी इसलिए दोनों कार से उतर कर धक्का देकर उसे बीच सड़क में लाने का प्रयास कर रहे थे।प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इसी दौरान उन्हें जंगल की ओर से जंगली हाथी के आने का आभास हुआ और दोनों गाड़ी को छोड़कर भागने लगे।गाड़ी चला रहा व्यक्ति सड़क के दूसरी ओर भागा और अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। पूर्व सरपंच धनाराम ने भी दूसरी दिशा में भाग अपनी जान बचाने का प्रयास किया लेकिन उसी दिशा से हाथी आ गया और उसने पूर्व सरपंच को सूंड से उठा पटक दिया जिससे उसे गंभीर चोट आई।पैरों से कुचलने के कारण उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने उन्हें उठा कर कई बार पटका जिस कारण शव के कई टुकड़ों में विभक्त हो गया।
रेंजर पीसी मिश्रा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद टीम मौके पर पहुंच गई थी।टुकड़ों में विभाजित शव को रात में ही एकत्रित कर लिया गया था।रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए प्रतापपुर ले जाया गया है।