
हाइपरटेंशन के मरीजों के मामले में रायपुर प्रदेश में पांचवें नंबर पर है। हालांकि यह चौंकाने वाला नहीं है। चौंकाने वाला तो ये है कि ग्रामीण जिले बेमेतरा, बालोद, नारायणपुर डायबिटीज और बीपी के मामले में रायपुर से भी आगे हैं। यह खुलासा 2023 में स्वास्थ्य विभाग के सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि हाई बीपी अब शहरों की बीमारी नहीं रही। जीवनशैली में आ रहे लगातार बदलाव के कारण कोई भी बीपी से पीड़ित हो सकता है। जांच में रायपुर में 33.54 फीसदी लोगों यानी 23372 लोगों की जांच में 7841 लोगों का बीपी बढ़ा मिला। इसमें कई लोगों को बीपी बढ़ने का पता ही नहीं था, क्योंकि इन्होंने कभी जांच ही नहीं कराई थी। नमक व पैकेटबंद चीजों का ज्यादा सेवन भी हाइपरटेंशन का कारण बनता जा रहा है।
- जीवनशैली में बदलाव
- बात-बात पर तनाव लेना
- फिजिकल एक्टीविटी कम
- फास्ट फूड का सेवन ज्यादा
- खाने का समय निर्धारित नहीं
- नमक व शक्कर का ज्यादा उपयोग
- नियमित दवा व सही डोज न लेना
- स्मोकिंग व शराब का सेवन
- कैरियर ओरिएंटेड लाइफ
स्मोकिंग, शराब सेवन, देर से सोना व सुबह देर से जागना भी हाइपरटेंशन बढ़ा रहा है। युवाओं का कैरियर ओरिएंटेड होना भी तनाव का बड़ा कारण है। जीवनशैली में बदलाव कर व जरूरी एक्सरसाइज कर इसके खतरे को कम किया जा सकता है। बीमारी को लेकर अलर्ट रहें।
हाइपरटेंशन में फेफड़ों में खून सप्लाई करने वाली नसों में संकुचन हो सकता है। इससे फेफड़े के उत्तकों का नुकसान पहुंच सकता है। यही नहीं हार्ट को पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। चेस्ट पेन भी हो सकता है।
डॉ. आरके पंडा, एचओडी चेस्ट आंबेडकर अस्पताल