पुलिसकर्मियों को लेकर लौटी बस, सब उतर गए लेकिन सीट पर बैठे-बैठे आरक्षक की हो गई मौत

Chhattisgarh Crimes

जशपुर नगर। जिले के कुनकुरी के बाजारडांड़ स्थित प्लाईवुड, फर्नीचर व कपड़ा व्यवासायी की दुकान व मकान में लगी भीषण आग स्थल पर ड्यूटी कर लौट रहे आरक्षक की पुलिस बस में बैठे-बैठे ही मौत हो गई। दरअसल आरक्षक 6 अप्रैल को पुलिस बस से जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचा। यहां सभी पुलिसकर्मी तो बस से उतर गए लेकिन एक आरक्षक नहीं उतरा। यह देख अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और हिलाया-डुलाया तो शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, यहां डॉक्टरों ने जांच पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। आरक्षक की मौत किस कारण से हुई, इसका पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

जशपुर जिले के बगीचा थाना में 41 वर्षीय दिलेश्वर भगत आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसकी ड्यूटी 2 अप्रैल को जशपुर में बीजेपी व आरएसएस द्वारा आयोजित सरहूल त्यौहार के एक कार्यक्रम में लगी थी। दरअसल सरहूल पर्व आयोजन को लेकर रानी पड़हा समाज के लोग विरोध कर रहे थे। विवाद की स्थिति को देखते हुए यहां जशपुर के अलावा अन्य जिलों से पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था। इधर 4 अप्रैल की आधी रात कुनकुरी के बाजारडांड़ स्थित प्लाईवुड व फर्नीचर व्यवसायी के दुकान व मकान में भीषण आग लग गई। इसके बाद आरक्षक दिलेश्वर भगत को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ ड्यूटी पर कुनकुरी भेजा गया।

पुलिस बस जब जशपुर पहुंची तो सभी पुलिसकर्मी बस से उतर गए लेकिन आरक्षक दिलेश्वर नहीं उतरा। यह देख कुछ पुलिसकर्मी फिर से बस में चढ़े और आरक्षक दिलेश्वर को हिलाया-डुलाया लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। यह देख वहां हडक़ंप मच गया और उसे तत्काल बस से उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरक्षक की मौत किस कारण से हुई है इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।