
लखनऊ। लखीमपुर हिंसा के सातवें दिन मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष आज क्राइम ब्रांच के सामने पेश हो गया। उसे क्राइम ब्रांच की ऑफिस में 11 बजे बुलाया गया था, लेकिन वह 10:36 पर 24 मिनट पहले पहुंच गया। रुमाल से उसने अपना मुंह छिपा रखा था। पुलिस उसे क्राइम ब्रांच के पिछले दरवाजे से भीतर ले गई। पुलिस के सामने भीड़ लगी है। पुलिस ने बैरिकेड लगाए हैं।
DIG, SP विजय ढुल मौके पर हैं। गिरफ्तारी होगी या नहीं? इस सवाल का जवाब देने से हर अधिकारी बचता नजर आया। आशीष के साथ कौन आया है? इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है। मंत्री पिता अजय मिश्र टेनी सुबह ही अपने कार्यालय पहुंच गए थे। वहां भी काफी गहमा-गहमी है।
लखीमपुर पुलिस ने शुक्रवार को मंत्री के घर पर दोबारा नोटिस चिपकाकर कर आशीष को शनिवार को यानी आज 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले पुलिस ने गुरुवार को नोटिस लगाकर शुक्रवार को 10 बजे पेश होने के लिए कहा था, लेकिन आशीष नहीं पहुंचा। बाद में आशीष ने एक चिट्ठी लिखकर बताया था कि वह बीमार है इसलिए 9 अक्टूबर को पुलिस के सामने पेश होगा।
इधर, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने अपना मौन व्रत तोड़ दिया है। सिद्धू शुक्रवार को लखीमपुर पहुंचे थे। सिद्धू पहले हिंसा में मारे गए किसान लवप्रीत और फिर पत्रकार रमन के यहां पहुंचे। उन्होंने लिखकर कहा था कि जब तक केंद्रीय मंत्री का आरोपी बेटा गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, तब तक मौन धारण कर भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। सिद्धू करीब 20 घंटे से मौन व्रत पर थे।
अजय मिश्र बोले- हम आपके साथ हैं
लखीमपुर में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने BJP दफ्तर की बालकनी में आकर समर्थकों से शांत कराया। उन्होंने कहा कि बेटा पूछताछ के लिए गया है। इस सरकार में निष्पक्ष जांच होगी। ऐसी-वैसी कोई बात नहीं है। ऐसी-वैसी कोई बात होगी तो हम आपके साथ हैं। अजय मिश्रा के इस बयान को एक तरह से गिरफ्तारी की स्थिति में सरकार के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यालय पर मौजूद समर्थकों ने कहा कि आशीष भैया दंगल में थे। घटनास्थल पर किसानों के रूप में आतंकवादी थे।