आरोपी की ऐसी दहशत तीन दिन तक लाश के साथ था पूरा परिवार

Chhattisgarh Crimes

जगदलपुर। बस्तर के कई इलाकों में अभी भी छोटी छोटी बातों में हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देना मामूली बात है। चार दिन पूर्व दरभा इलाके में भी मामूली बात पर हुए विवाद के बाद युवक ने ग्रामीण की हत्या कर दी। वहीं हत्या की खबर पुलिस को नहीं देने दबाव बनाया गया था जिसके चलते परिजन न तो इसकी सूचना पुलिस को दे पा रहे थे और न ही शव का अंतिम संस्कार कर पा रहे थे।

दहशत के बीच पूरा परिवार तीन दिन तक शव के साथ ही था जिसके बाद सरपंच कोटवार व गांव के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद शव का पीएम व अंतिम संस्कार किया जा सका। दरभा थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि घटना थाना क्षेत्र के पखनार चौकी क्षेत्र स्थित चन्द्रगिरी की है।

आपको बता दें कि नक्सल प्रभावित इलाका होने से इन इलाकों से किसी भी घटना कि सूचना तब ही पंहुच पाती है जब गांव के प्रमुख सामने आकर घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचाते है। यह घटना भी 6 जनवरी की शाम की है, प्रार्थिया मिटकी बाई अपने पति बंडरू के साथ गांव के ही बैशाखु के घर पर आग तापने बैठे हुए थे। बैसाखु का भाई भीमा भी आग ताप रहा था जो शराब पिया हुआ था। किसी बात पर बंडरू के साथ भीमा का विवाद होने लगा और आरोपी बंडरू ने वहीं आग लगी हुई लकड़ी से भीमा के सिर पर मारा। बड़े भाई को पीटता देख भीमा का छोटा भाई बैसाखु गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने पास ही रखे टंगिया से बंडरू के कनपटी व सिर में मार दिया जिससे बड़रू की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी द्वारा मृतक के परिजनों को रिपोर्ट पुलिस को नहीं बताने व बताने पर जान से मारने की धमकी देकर डराया गया था। इसके बाद से ही पूरा परिवार दहशत में था और शव का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहा था। हत्या की खबर धीरे धीरे पूरे गांव को लगी जिसके बाद 10 जनवरी को ग्राम कोटवार व सरपंच के द्वारा पुलिस में सूचना दी गई। मामले कि गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जितेन्द्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची पुलिस मृतक के शव को चद्रगिरी छिन्दीलजोड़ी पारा से लाकर पीएम करवा परिजनों को सौंपी जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।

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