
पूरन मेश्राम / छत्तीसगढ़ क्राइम्स
मैनपुर। राजनैतिक सामाजिक मंचो सहित शासन प्रशासन के द्वारा हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बडे़ जोर-शोर से मनाते हुए महिलाओं को सभी क्षेत्रों में आगे आकर पुरुषों से कदम से कदम मिलाकर चलने की नसीहत दी जाती है। भाषणों के दौरान महिलाओं में ऊर्जा भरने की तौर तरीके के साथ गिने चुने महिलाओं के द्वारा शीर्ष मुकाम पर पहुंचने की दुहाई भी दी जाती है, बावजूद इसके उनके स्थिति में कुछ खास सुधार होता नज़र नहीं आता।

इन सब के बीच ठोस निर्णय के साथ एक कदम आगे बढ़ते हुए बीहड़ जंगल गाँव भूतबेड़ा में उदंती अभ्यारण क्षेत्र कोर एवं बफर जोन के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, रसोईयाँ, सफाई कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, महिला किसान,स्व सहायता समूह के सैकडो महिलाओं के द्वारा अपने हक और अधिकार को लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकजुटता दिखाया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति मरकाम, मुख्य अतिथि सभापति जिला पंचायत गरियाबंद श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, विशेष अतिथि सरपंच ग्राम पंचायत कोचेंगा श्रीमती कृष्णा नेताम एवं उप सरपंच ग्राम पंचायत कोचेंगा श्रीमती शैल साहू जिनके द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती,लक्ष्मी बाई के चित्रों पर माल्यार्पण करते हुए सभा को गति प्रदान किया गया। अतिथि का पीला चावल से टिका लगा सत्कार किया गया।
कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते सर्वप्रथम सभापति जिला पंचायत गरियाबंद श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने अपने उदबोधन में उपस्थित महिलाओं को घुंघट के आड़ से निकल कर राजनैतिक, सामाजिक मंचों पर भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई।इसके अलावा आज के युग में बिना संघर्ष करके आगे नहीं बढ़ा जा सकता इसलिए महिलाओं की भागीदारी ग्राम सभा गांव समाज की बैठको मे पूर्णरूपेण होनी चाहिए शोषित पीड़ित वंचित समुदाय से आने हम महिलाओं को आंदोलन की दिशा में भी अग्रसर होने की सख्त जरूरत है। उप सरपंच ग्राम पंचायत कोचेंगा श्रीमती शैल साहू ने महिलाओं को मद्य पान नशा पान से दूर रह करके अपने परिवार गांव समाज में अपनी भूमिका को सुनिश्चित किए जाने की जरूरत बताई। सरपंच ग्राम पंचायत कोचेंगा श्रीमती कृष्णा नेताम ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में उपस्थित सैकड़ों महिलाओं को पुरुषों की बराबरी करते हुए निर्णायक भूमिका में रहकर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के निराकरण में अहम योगदान देने की बात कही गई
उदंती अभ्यारण क्षेत्र कोर और बफर जोन के रहवासी बद से बदतर जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।
महिलाओं की समानता बराबरी, संपत्ति में बराबर के अधिकार, बुनियादी सुविधाओं को लेने हम सबको संगठित होकर समाज व शासन प्रशासन से लड़ाई लड़ने की भी जरूरत है। क्षेत्र में एक भी शासकीय अस्पताल नहीं होने एवं हाई स्कूल , हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं होने से हम जैसे महिलाएं, बहनों को कितनी तकलीफ होती होगी सरकार अभी तक समझ नहीं पा रही है। अब वह दिन दूर नहीं आंदोलन के तरफ रुख अख्तियार करने के लिए सैकड़ों महिलाओं को भी बाध्य होना पड़ेगा ऐसा पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति मरकाम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में ये बात कही। तत्पश्चात सैकड़ों महिलाओं ने बाजार चौक में नारे लगाते हुए रैली निकाली गई जो बीहड़ जंगल गांव में आकर्षण का केंद्र बना रहा, मानो आने वाले भविष्य में मूलभूत बुनियादी सुविधाओं को लेकर महिलाओं की रैली गांव से निकलकर शहर तक बढ़ने के लिए बेकरार हो।
सैकड़ों महिलाओं के द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
आने वाला 8 मार्च 2023 से हर वर्ष क्षेत्र में हो रहे महिलाओं पर अत्याचार, शासकीय योजनाओं पर दखल सहित अन्य मामलों पर निर्णायक की भूमिका में आएगी। क्षेत्र के मूलभूत बुनियादी सुविधाओं को लेकर पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए महिलाओं की भूमिका भी अहम होगी।
बीहड़ जंगलों में रहने वाली महिलाएं,बहने, दीदियों जो संघर्ष करके आगे बढ़ रही हैं। जिनको चिन्हांकित करते हुए हर वर्ष क्षेत्र की मातृत्व शक्ति सम्मान करेगी। कार्यक्रम के सफल संचालन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम कोचेंगा श्रीमती सुनीति बाँकुरे ने किया । इस अवसर पर विशेष रुप से मातृशक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ललिता दास,सरपंच कलाबाई नेताम, भुनेश्वरी, रीना नेताम कमितला,यमबति,देवकी बाई, उमाकांति नाग,चैती बाई,जमिला बाई,राजेंद्ररी मरकाम,केशरी बाई, लता नाग सहित सैकड़ों महिलाओं के साथ पुरुषों के भी उपस्थिति रही।