स्वामी आत्मानंद स्कूल राजिम में छात्रों ने प्राचार्य पर लगाया मनमानी का आरोप

Chhattisgarh Crimes

किशन सिन्हा, छुरा

छुरा…राजिम के स्वामी आत्मानंद स्कूल में वर्षों से संचालित कला संकाय को प्राचार्य द्वारा अचानक बंद कर दिये जाने का आरोप लगाया है जिससे छात्रों और पालकों में बेहद आक्रोश व्याप्त होना बताया जा रहा है।

राजिम के सबसे पुराने विद्यालय राम विशाल पांडे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थापना वर्ष से ही कला संकाय संचालित है जिसमें अधिक से अधिक छात्र अध्ययनरत रहे हैं,गत वर्ष इस स्कूल को स्वामी आत्मानंद के रूप में उन्नयन किया गया। 10वीं बोर्ड के रिजल्ट आते ही उत्तीर्ण हुये विद्यालयीन छात्र जब कक्षा ग्यारहवीं में कला संकाय में प्रवेश हेतु कक्षा शिक्षक व प्रवेश प्रभारी संतोष सूर्यवंशी के पास गए तो शिक्षक द्वारा साफ मना कर दिये जाने का आरोप लगाया गया है और प्राचार्य से बात करने को कहा गया अन्य शिक्षकों द्वारा भी यहीं बात कहीं गई। जब छात्र और पालक प्राचार्य से इस संबंध में बात करने गए तो प्राचार्य संजय एक्का ने कला संकाय में शिक्षक कम होने की बात कहते हुए प्रवेश देने से मना करना बताया गया और कहा कि जब शिक्षक आ जायेंगे तो प्रवेश ले लेंगे। जब छात्रों ने विनती की तो उन्हें स्थानीय देवी संपद स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है वहीं एडमिशन ले लो कहकर बोला गया।

वहीं एक छात्र ने बताया कि स्कूल में हमेशा से कला संकाय की पढ़ाई होता आ रहा था उनके परिवार के कई सदस्य यहां से पास हुए हैं । हम यहां पर कक्षा छठवीं से पढ़ते आ रहे हैं और अचानक इस साल कला को बंद कर देने से हम कहां जाएंगे । एक अन्य छात्र ने बताया कि राजिम में कन्या शाला को छोड़कर दो ही हायर सेकेंडरी स्कूल हैं हमारे स्कूल में अचानक कला विषय को बंद कर दिये और देवी संपद में सीमित सीट होने से हमें एडमिशन मिलना मुश्किल हो गया है।‌ ऐसे में हमें अपनी पढ़ाई बंद करनी पड़ेगी इच्छा होने के बाद भी आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे।

प्राचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए छात्र भटकने को मजबूर हो रहे हैं एक छात्र के परिजन ने बताया कि विषय शिक्षक की कमी होने के कारण प्रवेश नहीं देने की बात कहने पर जब प्राचार्य को बोले की “शिक्षक की व्यवस्था आप की जिम्मेदारी है तो कहते है की” आप लोग ही व्यवस्था करवा दो फिर ‘ इस प्रकार के गैर जिम्मेदाराना बयान एक प्राचार्य की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह है।

पालकों का कहना है कि यह शहर का सबसे पुराना स्कूल है इसी स्कूल से कला संकाय में पढ़ते हुए कई बड़े नेता, और जनप्रतिनिधि आज समाज का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसपर इस तरह अपनी मनमर्जी चलाते हुए पूरे कला संकाय को ही बंद कर देना छात्रों के अधिकारों का हनन है। जिसपर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस संबंध में ठोस कदम उठाना चाहिए।
छात्र नेताओं ने कहा कि प्राचार्य द्वारा शिक्षकों की कमी का बहाना देकर संकाय को ही बंद करवा देना सर्वथा अनुचित है। यदि शिक्षक कम है तो यह प्राचार्य की जिम्मेदारी है कि वह व्यवस्था करें ना कि उस संकाय को ही बंद कर दे, प्राचार्य की इस मनमानी को लेकर युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई तथा राजीव युवा मितान क्लब के छात्र नेताओं ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

वहीं इस विषय पर जानकारी लेने पर शाला के प्राचार्य संजय इक्का का कहना है कि 10 वीं की परीक्षा छात्र जीवन में एक स्पीड ब्रेकर का काम करता है जिसे पार करने के बाद बच्चों एवं पालकों व शिक्षकों को यह तय करना होता है की विषय अंतर्गत कौन सा बच्चा किस संकाय हेतु उचित होगा और विद्यार्थीयों को किस विषय के प्रति लगाव है यही सब देखने का कार्य हमारे विद्यालय में परीक्षा परिणाम आने के बाद से ही प्रारंभ हो चुका है, गर्मी के मौसम में भी बच्चे कम संख्या में अपने संकाय के चुनाव हेतु प्रतिदिन विद्यालय आ रहे हैं उनके परीक्षा परिणाम और रुचि के आधार पर विषयों का आबंटन किया जा रहा है नए-नए खुले हमारे इस विद्यालय में गणित संकाय, विज्ञान संकाय, वाणिज्य संकाय के शिक्षक गण इस समय उपलब्ध है किंतु अभी तक कला संकाय हेतु योग्य शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाई इसके लिए प्रबंधन समिति एवं आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है जैसे ही यह कार्य संपन्न होगा सभी विषयों पर एक समान रूप से पठन-पाठन का कार्य निरंतर संपन्न कराया जाएगा। इसी क्रम में आज कुछ बच्चे और उनके पालक और युवा साथी विद्यालय आए थे जिनको मै अवगत कराया हूँ कि सभी विषयों पर प्रवेश जारी है और एक दो छात्रों को एडमिशन फार्म भी उपलब्ध कराएं हैं।