मैनपुर शिक्षा कर्मियों पर भयंकर कानूनन गाज गिरने की संभावना, आगे भी जारी रहेगा

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/ मैनपुर। छत्तीसगढ़ में आरटीआई कानून के अंतर्गत भ्रष्ट अधिकारियों सहित फर्जियो को कानून सम्मत जेल की सलाखों तक पहुंचाने वाला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला मगरलोड ब्लॉक चंदना गांव के कृष्ण कुमार साहू को कौन नहीं जानता। जो अब तक 170 लोगों को जेल की सलाखों तक पहुंचाया है।

Chhattisgarh Crimes

यह ऐसा शख्स है जो आज तक अपराधियों के गांव क्षेत्र एवं कभी उनसे मुलाकात भी नहीं किया उनका साफ कहना है मैं अपराध को जानता हूं अपराधी को नहीं। समाचार पत्रों के माध्यम से विभिन्न विभागों में गड़बड़ियों के उजागर होने पर विधि सम्मत उन लोगों को न्यायालय तक पहुंचाकर जेल की सलाखों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट कृष्ण कुमार साहू को जाता है।
जो सूचना का अधिकार कानून का सदुपयोग करते हुए जानकारी निकालना उन्हें अध्ययन करना एवं जहाँ गड़बड़ियाँ होती है।
उन्हे शासन को अवगत करना मुख्य उद्देश्य है।

एक-दो दिन का काम नहीं इसमें बरसों बीत जाता है। लेकिन जो जुनून उसमें है उसमे खरा उतरते हुए ईमानदारी से काम कर रहा है।
कईयो बार अनहोनी घटनाएं भी उनके साथ घटित हुई लेकिन हिम्मत बरकरार है। छत्तीसगढ़ क्राइम परिवार उनके जज्बे को सलाम करती है।
प्रेस विज्ञप्ति में आरटीआई एक्टिविस्ट कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि कैसे उसे विभिन्न विभागों के गड़बड़ियां पता चलता एवं उस पर विधिवत कार्यवाही के लिए कैसे सबूत इकट्ठा करता है।

इसका सिलसिले वार जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा कर्मी वर्ग 3 भर्ती वर्ष 2008 जनपद पंचायत मैनपुर के द्वारा मेरिट के आधार पर बी एड एवं डी एड अनिवार्य पर भर्ती किया जाना था। शिक्षा कर्मियों का भर्ती एवं पोस्टिंग भी हो गई।जिसका
2009 में शिक्षा कर्मी भर्ती प्रक्रिया में फर्जी बी एड डी एड से से भर्ती हुई है ऐसा अखबार के माध्यम से उसे जानकारी मिलने पर बस उसी को आधार मानकर बिना अपराधी को देखे उसके गांव और स्कूल का पता जाने सूचना के अधिकार के तहत फर्जी शिक्षा कर्मियों के साक्ष्य जुटाना चालू कर दिया कम बजट में बेहतर परिणाम पाने के लिए घर बैठे चाही गई जानकारी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से संबंधित कार्यालय तक भेजना शुरू किया।बी एड डी एड की जानकारी डाइट खैरागढ़, डाइट नगरी, शासकीय महाविद्यालय रायपुर, विज्ञान महाविद्यालय रायपुर, शासकीय शिक्षा महाविद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंडागांव,डाइट राजनंदगांव से प्रार्थी द्वारा प्रमाण पत्र को विभागीय सत्यापन कराया गया जिसमें 11 शिक्षा कर्मियों के डिग्री को फर्जी बताकर लिखित में जानकारी दिया गया।

जिनको आधार मानकर 1/4/10 को फर्जी शिक्षा कर्मियों पर प्रकरण दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक रायपुर को ज्ञापन सौपा गया। जो 21माह बाद 21 जनवरी 2012 में 11 फर्जी शिक्षा कर्मियों के ऊपर पुलिस थाना मैनपुर में अपराध क्रमांक 14/12दर्ज होकर धारा 420,467,468,471,120/बी फिर साढे़ चार साल बाद दांडिक प्रकरण क्रमांक 153/16, 34 आई पी सी के तहत 16 लोगों को जेल दाखिला हुआ जिसमें छानबीन समिति के 5 सदस्य एवं 11 शिक्षा कर्मी जमानत पर रिहा हुए जिसमें के.एस मार्को सीईओ मैनपुर, अनीता ठाकुर पंचायत इंस्पेक्टर,डीके सोनी, मीना तिर्की, डीपी मनहर, जांच समिति के सदस्य हैं।मामला न्यायालय में चलता रहा।

फिर सात साल बाद 29/ 12/ 2023 को श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रशांत कुमार देवांगन द्वारा गरियाबंद व्यवहार न्यायालय में 11 शिक्षा कर्मियों को तीन-तीन वर्ष की कारावास एवं एक ₹1000 की अर्थ दंड दंडित करने का आदेश पारित हुआ। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रायपुर,धमतरी,गरियाबंद, राजीम द्वारा अपना दलील पेश किया गया इधर प्रार्थी साक्षी आरटीआई एक्टिविस्ट कृष्ण कुमार साहू ने खुद कथन बयान लगातार तीन दिन तक न्यायालीन समय पर उपस्थित होकर अपना साक्ष्य प्रस्तुत किया। इसमें छानबीन समिति के पांच सदस्यों को दोष मुक्त करार दिया गया।

लेकिन इस पर कृष्ण कुमार साहू कहते हैं दूसरे मामले में छानबीन समिति के सदस्यों को जेल जाना तय है। हमारे संघर्षों का दौर जारी रहेगा।
योग्य लोगों के हक और अधिकार को छिनने वालों के ऊपर एवं छानबीन समिति के सदस्यों पर गाज गिरना तय है।