बिलासपुर के कछार गांव में कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट की स्थापना की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ की उपस्थिति में भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड, नगर निगम बिलासपुर और छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ।
नगर निगम ने प्लांट स्थापना के लिए कछार में 10 एकड़ जमीन बीपीसीएल को रियायती दर पर दी है। प्लांट में रोजाना 150 मीट्रिक टन नगरीय ठोस अपशिष्ट से 5 से 10 मीट्रिक टन बायोगैस का उत्पादन होगा।
इस संयंत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हर साल लगभग 30 हजार मानव दिवस रोजगार मिलेगा। संयंत्र निर्माण के दौरान भी रोजगार के अवसर बनेंगे।
सीएम साय की मौजूदगी में हुआ था MOU
बता दें कि 17 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप-मुख्यमंत्री अरूण साव की उपस्थिति में बिलासपुर सहित राज्य के 5 नगर पालिक निगमों में ऐसे संयंत्र स्थापित करने का एमओयू हुआ था। संयंत्र से प्राप्त जैविक खाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
1 करोड़ का लाभ होगा
संयंत्र की स्थापना से ग्रीन हाऊस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण स्वच्छ होगा। कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के उपयोग से शहर नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।सीबीजी संयंत्र के पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन और विक्रय से हर साल 1 करोड़ रूपए जीएसटी के रूप में प्राप्त होगा।
कोनी में इंटीग्रेटेड एनर्जी यूनिट,बीपीसीएल ने दी सहमति
वाहनों में बायोगैस रिफिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग के लिए इंटीग्रेटेड एनर्जी यूनिट की स्थापना के लिए भी नगर निगम और बीपीसीएल के मध्य सहमति हुई है।
कोनी बस डिपो के पास बीपीसीएल को इसके लिए जमीन मुहैया कराई जाएगी। उत्पादित बायो गैस को इस इंटीग्रेटेड एनर्जी यूनिट में बायो गैस ईंधन से चलने वाले वाहनों में भरा जाएगा।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुए समझौते के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।