बिलासपुर जिले में कृषि विभाग की टीम ने छह खाद दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। टीम ने कई दुकानों में अनियमितताएं पाईं। कुछ दुकानें बिना कागजात और बिल के खाद बेच रही थीं।
उप संचालक कृषि पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने कोटा और बिल्हा विकासखंड में यह कार्रवाई की। मेसर्स उन्नत कृषि केंद्र रतनपुर में बिना बिल खाद बेचने पर नोटिस जारी किया गया। मेसर्स शेखर कृषि केंद्र कोनचरा में बिना आईएफएमएस और आईडी के उर्वरक का व्यवसाय पाया गया। इस पर विक्रय प्रतिबंधित कर स्टॉक जब्त कर लिया गया।
अनियमितता मिलने पर गोदाम सील
कोनचरा स्थित अतुल कृषि केंद्र में अनियमितता मिलने पर गोदाम सील किया गया। बिल्हा के मदनपुर में मेसर्स राघवेंद्र देवांगन की दुकान में मूल्य और स्टॉक सूची नहीं मिली। भंडारण वितरण का प्रतिवेदन भी नहीं था। इस पर विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
मेसर्स किसान सेवा केंद्र तखतपुर को पहले नोटिस जारी किया गया था। उचित जवाब नहीं मिलने पर उनका लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई। उन्होंने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए कहा था। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसी के तहत कृषि विभाग को खाद दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।
खाद दुकानों पर कार्रवाई, 7 दिन में मांगा जवाब
जिन खाद दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई, उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनकी लाइसेंस निलंबित या रद्द की जा सकती है।
इस निरीक्षण टीम में उप संचालक कृषि के साथ सहायक संचालक अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खेमराज शर्मा, विजय धीरज, आर. जी. भानु, कोटा से दिलीप रात्रे और उर्वरक निरीक्षक मारू शामिल थे।
पॉस मशीन के बिना बिक्री पर रोक
जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को पॉस मशीन के बिना खाद बेचने से मना किया गया है। साथ ही कृषि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्य क्षेत्र में संचालित दुकानों से पॉस मशीन की अनिवार्य मांग सुनिश्चित कराएं।
यह कार्रवाई कृषि विभाग द्वारा उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और नियंत्रण लाने के उद्देश्य से की जा रही है।