
6 महीने में ही उखड़ गया डामर, करोड़ों की लागत पर उठे सवाल
पूरन मेश्राम/मैनपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गोना जक्शन से गरीबा उडी़सा सीमा तक पक्की सड़क 16 किमी 2017-18 में बनाई गई। जिनका संधारण नवीनीकरण कार्य गोना बस्ती से उडी़सा सीमा तक 2024-25 मे 14.20 किमी तक करोडो की लागत से ठेकादार के द्वारा निर्माण कराई गई।जिनका गारंटी अवधि 5 वर्ष की है।
ये पक्की सड़क गरीबा बस्ती से एक किलोमीटर तक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।गारंटी अवधि पूरी होने से पहले ही सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ा हुआ डामर और उड़ती गिट्टी ने ग्रामीणों का चलना दूभर कर दिया है।
*करोड़ों खर्च, फिर भी खस्ताहाल*
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क पर लगभग 149.69 लाख रुपये खर्च किए गए ठेकेदार ने 2025 में काम पूरा कर लिया गया लेकिन 6 महीने के भीतर ही सड़क की हालत ऐसी हो गई कि अब इस पर बैलगाड़ी चलाना भी मुश्किल है। बारिश शुरू होते ही ये गड्ढे जानलेवा बन जाएंगे।
*घटिया निर्माण के सबूत*
डामर की परत इतनी पतली है कि हाथ से खुरचने पर निकल रही है ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने मिली भगत कर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और अफसरों ने आंख मूंदकर बिल पास कर दिए।
*जनता परेशान,अफसर मौन*
राजापडा़व क्षेत्र के हजारों लोग इस सड़क पर निर्भर हैं। इस मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा गोना से गरीबा उड़ीसा सीमा तक हुए सड़क नवीनीकरण कार्य की गुणवत्ता शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है। निर्माण के दौरान ही मैने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को वीडियो भेज कर एवं फोन के माध्यम से निम्न स्तर का कार्य होने की जानकारी देते हुए गुणवत्ता सुधारने की मांग भी की थी। लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और तानाशाही रवैया के कारण आज सड़क बनने के कुछ समय बाद ही डामर उखड़ने लगा जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का नियमित मॉनिटरिंग नहीं होना भी बड़े सवाल खड़े करता है। यदि समय पर गुणवत्ता की जांच होती तो शायद ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती मैं मांग करता हूं कि पूरे सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जावे और दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा खराब सड़क को तत्काल गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पुनः मरम्मत कराई जाये ताकि आम जनता को राहत मिल सके जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम ने कहा देश के प्रधानमंत्री गरीबों के लिए सड़क भेजते हैं, और यहां अफसर-ठेकेदार मिलकर उसे खा जाते हैं। ग्राम पंचायत कोचेंगा के सरपंच दीनाचंद मरकाम ने कहा 1किलोमीटर तक पक्की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे है। आए दिन राहगीरो का दुर्घटना आम बात हो गई है।
सर्व आदिवासी समाज राजा पडा़व क्षेत्र के अध्यक्ष सुनील मरकाम ने कहा यह सड़क नहीं भ्रष्टाचार की स्मारक है।
6 महीना के भीतर बने सड़क जर्जर हो जाने के कारण जिला के कलेक्टर से सामाजिक मुखिया दशरथ नेताम,जनपद सदस्य फूलचंद मरकाम,पूर्व सरपंच अजय नेताम,बूध्धू राम मरकाम, सरपंच प्रतिनिधि टीकम मरकाम, दुर्जन मरकाम,फरसू राम नेताम,पुरुषोत्तम परदे,रोहन नेताम,सुंदर मंडावी, पूनाराम नेताम,नकुल नागेश,कमलचंद नेताम,सेवक राम मरकाम, सहित क्षेत्र वासियों ने तत्काल मरम्मत कराने की माँग किया है।