केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के नक्सलियों वाले बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। नड्डा ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस नक्सलियों से समझौते करती रही, जबकि मोदी सरकार ने इसका डटकर मुकाबला किया। इस पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, झीरम हमले के नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इनसे बात करने की सरकार हमें अनुमति दे, ताकि सच्चाई बाहर आ सके।
जगदलपुर दौरे के दौरान बैज ने कहा कि, जेपी नड्डा का ये राजनीतिक बयान है। जेपी नड्डा झीरम हमले के शहीद परिवारों से माफी मांगे। इन्हें मैं याद दिला दूं कि जिस समय झीरम की घटना हुई उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी।
झीरम हमले से पहले नक्सलियों ने एक चिट्ठी भी जारी की थी, जिसमें लिखा था कि हम परिवर्तन यात्रा के खिलाफ में हैं। भाजपा सरकार पर सुपारी किलिंग का आरोप
बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय भाजपा की सरकार ने सुरक्षा क्यों नहीं दी। झीरम की घटना जानबूझकर कराई हुई घटना है, जो सत्ता के बिना संभव नहीं है। भाजपा की सरकार ने सुपारी किलिंग करवाई है। यही वजह है कि इसकी सच्चाई आज तक बाहर नहीं आ पाई है।
जनादेश परब में शामिल हुए थे जेपी नड्डा
छ्त्तीसगढ़ भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर जांजगीर के पुलिस ग्राउंड में ‘जनादेश परब’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि दो साल पहले चुनाव प्रचार में भी वे इस क्षेत्र में आए थे। भाजपा को एकतरफा जीत मिली, क्योंकि कांग्रेस की पिछली सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी और अपने वादे पूरे नहीं कर पाई थी।
नक्सलवाद के साथ समझौता करने वाली सरकार को जनता ने उखाड़ फेंका और कमल खिलाया। जेपी नड्डा ने कहा कि 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले के पीछे कांग्रेस के ही कुछ अंदरूनी लोगों का हाथ था। मुझे याद है जब यह भयानक हमला हुआ था तब मैं छत्तीसगढ़ में भाजपा का प्रभारी था। मैंने बेहद करीब से झीरम घाटी की घटना देखी है। नड्डा ने आगे कहा कि आज मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि उस समय नक्सलियों को काफिले की अंदरूनी जानकारी और लोकेशन की खबरें कोई बाहरी नहीं दे रहा था, कांग्रेस के बीच के ही कुछ लोग अपने नेताओं को मरवाने में लगे हुए थे और नक्सलवाद से संपर्क कर रहे थे