रायपुर के मैग्नेटो मॉल में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुआ। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बलवा की धारा में FIR दर्ज की और शुक्रवार (26 दिसंबर) देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच ने करीब दर्जन भर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया है।
हालांकि पुलिस की तरफ से हिरासत को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बजरंग दल ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। इसका विरोध करते हुए बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने अपनी गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए रायपुर पुलिस ने थाने में अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की तैयारी की है।
थाने में अतिरिक्त फोर्स तैनात
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा का कहना है कि इस गिरफ्तारी के विरोध में हजारों बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पुलिस को अपनी गिरफ्तारी देंगे। आज के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर रायपुर पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर ली है। सिविल लाइन थाने में अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया जा रहा है।
अब जानिए 24 दिसंबर को क्या हुआ था
क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे और लोगों से धर्म और जाति पूछते हुए सामान तोड़ना शुरू कर दिया। इस घटना से मॉल में मौजूद स्टाफ और कर्मचारी दहशत में आ गए थे।
मार्केटिंग हेड बोली- धर्म पूछकर तोड़फोड़ की
मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था और उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे। वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे ‘आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?’, आपकी जाति क्या है?’ यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे।
पुलिस के पहुंचने से पहले लाखों का नुकसान
मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे।
इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं।