कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ समाधान शिविर में शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 के क्लर्क प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया

Chhattisgarh Crimesकोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ समाधान शिविर में शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 के क्लर्क प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने के लिए समाधान शिविर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा ने काम कराने के एवज में उनसे 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

परेशान शिक्षक ने मामले की शिकायत बिलासपुर ACB से की। शिकायत के सत्यापन के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में ACB की टीम गठित की गई और कार्रवाई की योजना बनाई गई।

रिश्वत लेते ही दबोचा

शुक्रवार को शिक्षक अमृतलाल बघेल जैसे ही तय रकम लेकर आरोपी बाबू के पास पहुंचे और 40 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने प्रदीप मिश्रा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान शिविर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ACB अधिकारियों ने आरोपी को शिविर में बने एक कमरे में ले जाकर पूछताछ शुरू की। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी सकते में आ गए।

पहले भी विवादों में रह चुका है आरोपी

जानकारी के अनुसार, आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह विभाग में पदस्थ था और कथित तौर पर छोटे-छोटे कामों के लिए भी रिश्वत मांगता था।

बताया जा रहा है कि जीपीएफ पासबुक एंट्री जैसे सामान्य कार्य के लिए भी वह खुलेआम पैसों की मांग करता था, जिससे कर्मचारी और सेवानिवृत्त लोग परेशान थे।

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

‘सुशासन तिहार’ जैसे सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई इस कार्रवाई से राजस्व और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने और किन लोगों से पैसे की मांग की थी तथा मामले में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।

फिलहाल ACB टीम आरोपी प्रदीप मिश्रा को अपने साथ ले गई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।