दुर्ग जिले में ससुराल वालों पर बहू को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगा

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले में ससुराल वालों पर बहू को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके मुताबिक पति की मौत के बाद ससुराल वाले उसे टोनही कहकर ताने मारते थे, अवैध संबंध का आरोप लगाकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे आरोप ये भी है कि पीड़िता से दहेज की मांग की गई, नहीं देने पर घर से जबरन निकाल दिया और उसकी बेटी को अपने पास रख लिया। मामला भिलाई नगर स्थित महिला थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। शादी के 4 साल बाद पति की मौत

 

जानकारी के अनुसार, धमधा की रहने वाली पूनम वर्मा ने कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया। उसकी शादी अश्वनी वर्मा से 12 मई 2014 को हुई थी। उनकी एक 8 साल की बेटी काव्या भी है। पति की मौत 15 अक्टूबर 2018 को हो गई थी, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना शुरू कर दी गई।

 

ससुराल पक्ष ने पूनम से मायके से 5 लाख रुपए लाने की मांग की। पति के नाम ग्राम बोड़ में स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को देवर के नाम करने का दबाव भी बनाया गया। इंकार करने पर प्रार्थिया को धमकाया गया और मोबाइल फोन छीन लिया गया। देवर द्वारा डराने के लिए हत्या कर देने और बदनाम करने की धमकी भी दी गई।

 

2 साल पहले की थी शिकायत

 

पीड़िता पूनम वर्मा के अनुसार, पति की मौत के बाद सास-ससुर और देवर लगातार उसे टोनही कहकर ताने दिए जाते थे। उस पर जादू-टोना कर पति की जान लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। साथ ही उसके चरित्र पर लांछन लगाते हुए अवैध संबंध का आरोप लगाया। बेटी को भी नहीं दिया और उसे जबरदस्ती घर से निकाल दिया। इस संबंध में महिला थाना में दो साल पहले लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। अब जाकर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद महिला थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

इनके खिलाफ मामला दर्ज

 

शिवकुमारी वर्मा, सास

विजय वर्मा, ससुर

सुरेश वर्मा, देवर

जबरन कार में बैठा कर मायके भेजा

 

17 जून 2023 को आरोपियों द्वारा प्रार्थिया को जबरन कार में बैठाकर मायके ग्राम दनिया छोड़ दिया गया। इस दौरान उसकी बेटी को अपने पास रख लिया गया। पीड़िता के अनुसार उसे केवल पहने हुए कपड़ों में ही मायके भेजा गया और उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, गहने, नकदी लगभग 1.50 लाख रुपए सहित अन्य सामान ससुराल में ही रख लिया गया। बेटी को भी रख लिया, दोबारा पहुंची कोर्ट

 

बाद में परिजनों के साथ जब पीड़ित महिला अपनी बेटी को लेने ससुराल पहुंची तो आरोपियों ने घर में घुसने नहीं दिया और बच्ची सौंपने से इंकार कर दिया। मजबूर होकर पूनम कोर्ट पहुंची, जहां से 20 अक्टूबर 2023 को न्यायालय के आदेश पर उसे उसकी बेटी वापस दिलाई गई। महिला थाना में दर्ज हुआ मामला

 

पूर्व में महिला थाना में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने धारा 156(3) दंप्रसं के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना करने के आदेश के परिपालन में महिला थाना भिलाई द्वारा आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष रूप से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।