छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में युवक ने पहले पत्नी का धारदार हथियार से गला काटा, फिर खुद फंदे से लटककर जान देने की कोशिश की। पत्नी की मौत हो गई है, जबकि पति बेसुध है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामला नारायणपुर से सटे गढ़ बेंगाल गांव का है। इनके कमरे से एक लेटर भी मिला है, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक के कर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप है। पति-पत्नी ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ है। लेटर में लिखा है कि बैंक कर्मियों ने गलत तरीके से ग्राहकों का पैसा निकाला और हमे फंसाया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक गढ़ बेंगाल गांव का रहने वाला तिलक राम मंडावी पत्नी सुमित्रा मंडावी के साथ मिलकर ग्राहक सेवा केंद्र चलाता था। सुमित्रा के नाम पर ID बनी हुई थी। 13 जनवरी को तिलक और सुमित्रा घर में थे। दोपहर में सुमित्रा खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर निकली।
परिजनों की नजर उसपर पड़ी। जब वे अंदर कमरे में गए तो तिलक फंदे से लटका हुआ था। छटपटा रहा था। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा और फिर दोनों को नारायणपुर जिला अस्पताल लेकर गए। जहां दोनों का इलाज किया गया।
जिला अस्पताल के डॉ. हिमांशु सिन्हा ने कहा कि महिला के गले की नस कट गई थी। पति बेसुध था। दोनों का इलाज किया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर एम्स रेफर कर दिया गया।17 जनवरी को हुई महिला की मौत
रायपुर में 17 जनवरी को महिला की मौत हो गई। मामला पुलिस के पास पहुंचा। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद में सुसाइड करने की बात सामने आई थी। लेकिन दंपती के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिससे पूरा एंगल बदल गया।
लेटर में क्या लिखा है?
पुलिस को सुमित्रा के नाम का लेटर मिला है। लेटर संजीवनी विकास फाउंडेशन को लिखा गया है। पत्र में लिखा है कि मैंने किसी भी प्रकार से ग्राहकों का CYC और CRM नहीं किया है। क्योंकि KYC और CRM मेरी ID में नहीं होता है। मेरी ID के माध्यम से सिर्फ आधार लिंक किया जाता है। जिन भी ग्राहकों का आधार लिंक मेरी ID से हुआ है, उन ग्राहकों का KYC और CRM बैंक कर्मचारियों ने किया है।
मुझे फंसाया जा रहा है कि गलत तरीके से ग्राहकों का पैसा निकाला गया है। बैंक कर्मचारी पैसे जमा करने की धमकी दे रहे हैं। मेरे पति तिलक राम मंडावी ने अलग-अलग 2 खातों में 1 लाख 37 हजार रुपए जमा किए। साथ ही PNB कर्मचारी अमित कुमार साहू को 30 हजार कैश दिए हैं। फोन-पे के माध्यम से 20 हजार रुपए अमित साहू के किसी परिजन को भेजे गए हैं।