बिलासपुर में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को सहायक संचालक शशांक शिंदे की टीम ने बंसल फर्टिलाइजर के गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान के पीछे एक किराए के मकान में छिपाकर रखी गई 368 बोरी खाद जब्त की गई।
सहायक संचालक शशांक शिंदे ने बताया कि संचालक ने इस खाद के भंडारण की जानकारी विभाग को नहीं दी थी। इसे अवैध भंडारण मानते हुए मौके से 179 बोरी यूरिया, 31 बोरी डीएपी, 96 बोरी पोटाश और 62 बोरी यूरिया जब्त की गई।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जिले में खाद की कमी बनी हुई है और किसान इसके लिए परेशान हो रहे हैं। कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने दो दिन पहले रतनपुर स्थित एक ग्रेन मर्चेंट पर भी छापा मारा था, जहां से 180 क्विंटल अमानक एनपीके खाद जब्त की गई थी।
10 लाख की अवैध खाद जब्त
विभाग के अनुसार अब तक करीब 10 लाख रुपए की अवैध खाद जब्त की जा चुकी है। जिले में 25,969 टन यूरिया की कमी बताई जा रही है। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को फील्ड में जाकर कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिले में खाद की स्थिति
- जरूरत : 68,950 टन
- उपलब्धता : 42,981 टन
- कमी : 25,969 टन
गोदाम सील, जांच जारी
अधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर अब तक 91 से अधिक निजी और सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों की जांच हो चुकी है। शनिवार को संयुक्त टीम ने बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
जांच में 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदाम में शामिल नहीं था।
कारण बताओ नोटिस जारी
संस्था ने बिना वैध अनुमति अतिरिक्त किराए के स्थान पर उर्वरक भंडारित किया था। दस्तावेज जांच में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खाद जब्त कर सीलबंद कर दी गई।
प्रारंभिक जांच में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
किसानों के लिए अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। खरीद के समय पक्की रसीद जरूर लें। खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी नाम और गुणवत्ता विवरण अवश्य जांचें।
विभाग ने सलाह दी है कि खुले या बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक से बचें। किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तुरंत कृषि विभाग या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को दें।