छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित नहीं किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान रतन बांध स्थित शराब दुकान के मैनेजर को प्रतीकात्मक रूप से ‘बेशरम’ फूल भेंट किए गए।
30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकान खुले रहने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए। उनका कहना था कि यह सालों से चली आ रही शुष्क दिवस की परंपरा को समाप्त करने की कोशिश है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर गोडसे की विचारधारा अपनाने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि भाजपा इस दिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाती है, इसी कारण शुष्क दिवस घोषित नहीं किया गया।
इस मामले पर जब धमतरी दौरे पर आए उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं है और वे इस पर जानकारी लेंगे।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस नहीं रखा गया। उन्होंने इसे गांधी जी का अपमान बताया और कहा कि यह उनके विचारों को इतिहास से मिटाने की साजिश है।
‘पराक्रम दिवस’ मनाने पर उठाए सवाल
योगेश शर्मा ने कहा कि भाजपा इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है, इसी वजह से शुष्क दिवस नहीं रखा गया। उन्होंने इस फैसले का कड़ा विरोध जताया
आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इसी तरह का रवैया अपनाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि वे शराब दुकान में महात्मा गांधी का छायाचित्र लेकर पहुंचे थे और ‘बेशरम’ फूल मैनेजर को दिया गया, ताकि आगे ऐसा कार्यक्रम दोबारा न हो।