बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अरपा नदी सहित अन्य नदियों से अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। लेकिन, इसके बाद भी शहर और आसपास के इलाकों में अवैध रेत उत्खनन पर लगाम नहीं लग रहा है।
कलेक्टर के निर्देश के बावजूद खनिज विभाग के अफसर पिछले तीन दिनों में केवल 5 हाईवा और 6 ट्रैक्टर जब्त कर पाए हैं। वहीं, पुलिस भी अवैध परिवहन को लेकर सुस्त है।
दरअसल, दैनिक भास्कर ने ड्रोन कैमरे से अवैध खनन का वीडियो बनाया, जिसमें नदी के बीच एक साथ दर्जनों ट्रैक्टर रेत निकालते नजर आए। तब प्रशासन ने दावा किया था कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय है। लेकिन, इसके बाद भी खनिज विभाग के अफसर हरकत में नहीं आए। इसके चलते अवैध रेत उत्खनन का बेखौफ चलता रहा।
जनदर्शन में भी अवैध उत्खनन की शिकायत
कलेक्ट्रेट में हर सप्ताह होने वाले जनदर्शन में लगातार लोग अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बेलतरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने अवैध मुरुम उत्खनन की शिकायत की थी। वहीं, रेत माफियाओं के सक्रिय होने की भी शिकायत की गई, जिस पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। लेकिन, अवैध उत्खनन और परिवहन बंद नहीं हुआ।
न तो खनिज अमला सक्रिय है और न ही पुलिस
शहर और असपास के इलाके जैसे सेंदरी, घुटकू, लोखंडी, मंगला, छठघाट, दो मुहानी और ढेका में रेत खनन किया जा रहा है। इसके बाद भी मौके पर न तो जांच की जाती और न ही परिवहन रोकने पुलिस सक्रिय दिखाई देती है। यही वजह है कि खनिज माफिया बेखौफ होकर उत्खनन कर रहे हैं।
3 दिन में 5 हाईवा और 6 ट्रैक्टर जब्त
इधर, खनिज विभाग ने कलेक्टर के निर्देश पर अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण पर लगातार कार्रवाई करने का दावा किया है। पिछले तीन दिन यानी 11, 12 और 13 मार्च को टीम ने लोफन्दी, कच्छार, लछनपुर, रतनपुर लमेर,लारीपारा घुटकू, निरतु, सेंदरी, कोनी, बिरकोना, मोपका, चकरभाठा, दर्रीघाट, जयरामनगर मस्तूरी क्षेत्र में जांच करने का दावा किया।
इस दौरान लारीपारा क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते 2 ट्रैक्टर ट्राली, सेंदरी क्षेत्र से 4 ट्रेक्टर ट्राली, कोनी क्षेत्र से 1 हाईवा, जयरामनगर मस्तूरी क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते 3 हाईवा जब्त कर कार्रवाई की गई।
वहीं, जांच के दौरान अवैध गिट्टी परिवहन करते 1 हाईवा को पकड़ा। तीन दिन के भीतर विभाग की टीम ने केवल 11 वाहनों को जब्त किया है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई जारी है।