विवाद के बाद पुलिस से शिकायत और रिपोर्ट दर्ज करवाने की वजह से एक व्यक्ति की नाबालिग ने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या कर दी। 26 अप्रैल को जेवरा-सिरसा चौकी के अंतर्गत रामनारायण निषाद की लाश मिली थी। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। हत्या करने वाला नाबालिग निकला, जिसने पुरानी रंजिश की वजह से इस वारदात को अंजाम दिया था।पुलिस ने हत्या करने वाले नाबालिग और साक्ष्य मिटाने में उसका साथ देने वाली एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हत्या में शामिल नाबालिग के एक अन्य साथी की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने गांव की ही सावित्री निषाद (40) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर, जले हुए कपड़ों के अवशेष और अन्य जरूरी साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ने का दावा किया जा रहा है।मृतक ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट, उसी का बदला लेने हत्या जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को एक नाबालिग पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नाबालिग ने बताया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक और आरोपी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। मृतक ने पहले किसी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिससे आरोपी उससे नाराज था और बदला लेने की फिराक में था।
मंच के पीछे खेत में मिली थी लाश 26 अप्रैल को ग्राम करहीडीही निवासी महेंद्र कुमार निषाद ने सूचना दी थी कि रामनारायण निषाद उर्फ नारायण निषाद का शव गांव के दुर्गा मंच के पीछे खेत में पड़ा हुआ है। शव संदिग्ध हालत में था और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
नशे में होने का उठाया फायदा घटना वाली रात यानी 25 अप्रैल को मृतक नशे में था। इसी का फायदा उठाकर नाबालिग व उसके साथी ने पहले उसके साथ मारपीट की। इसके बाद गमछे से उसके पैर बांध दिए और उसे घसीटते हुए खेत की ओर ले गए। वहां पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। गांव की ही सावित्री निषाद (उम्र 40 वर्ष) ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए थे ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।