रायगढ़ जिले में खरीफ सीजन को देखते हुए अवैध खाद भंडारण और परिवहन पर सख्त निगरानी की जा रही है। इसी दौरान कृषि विभाग ने दूसरे जिले से लाई जा रही पिकअप में लदी डीएपी खाद को पकड़ा है। इसके साथ ही तमनार क्षेत्र के एक खाद दुकान में स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर तुरंत खाद बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। दरअसल, कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि सक्ती जिले के बाराद्वार से तमनार के भालूमुड़ा तक पिकअप में खाद ले जाई जा रही है। इस पर विभाग की टीम ने भालूमुड़ा में वाहन को रोककर जांच की। जांच में उसमें 52 बोरी डीएपी खाद मिली।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि दूसरे जिले से सीधे किसानों तक उर्वरक का परिवहन उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 का उल्लंघन है। इसके बाद वाहन और खाद को जब्त कर लिया गया। जब्त की गई खाद की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया गया है।
लैब भेजा गया सैंपल
खाद के नमूने (सैंपल) जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, ताकि उसकी गुणवत्ता और असलियत की पुष्टि की जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब्त वाहन को तमनार थाना में रखा गया है, जबकि खाद को सेवा सहकारी समिति तमनार में सुरक्षित रखा गया है।
खाद दुकान में गड़बड़ी पर कार्रवाई
तमनार के झींकाबहाल स्थित प्रतीक कृषि सेवा केंद्र में भी जांच की गई। यहां स्टॉक रजिस्टर और मौके पर रखे खाद के बीच काफी अंतर पाया गया। गड़बड़ी मिलने पर विभाग ने तुरंत दुकान का खाद बिक्री लाइसेंस रोक दिया है।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे खाद, बीज और कीटनाशक केवल पंजीकृत दुकानों से ही खरीदें और हमेशा बिल लें। किसी भी तरह की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
बताया गया है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बाद से अब तक जिले में खाद जब्ती के 4 मामले और बिक्री रोकने के 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।