समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ की तरफ से पुरानी बस्ती स्थित श्री महामाया देवी मंदिर के सत्संग भवन में 71 ब्राह्मण बटुकों का प्रदेश स्तरीय सामूहिक उपनयन संस्कार विधिवत संपन्न हुआ। धार्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक और समाजजन उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ना और वैदिक परंपराओं को सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. भावेश शुक्ला ने बताया कि उपनयन संस्कार से पूर्व पारंपरिक विधियों जैसे तेलमाटी, मंडपाच्छादन, मातृका पूजन और हरिद्रालेपन के अनुष्ठान पूरे श्रद्धाभाव से संपन्न किए गए। इसके बाद बटुकों का मुंडन संस्कार कराया गया और यज्ञोपवीत धारण कराया गया। आचार्यों द्वारा सभी बटुकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई। उनके धार्मिक और सांस्कृतिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
भिक्षा-वृत्ति परंपरा का हुआ पालन
संस्कार के दौरान बटुकों द्वारा भिक्षा-वृत्ति की परंपरा का प्रतीकात्मक निर्वहन भी कराया गया, जिससे उन्हें विनम्रता, अनुशासन और सेवा भाव का महत्व समझाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कारों का विकास होता है और वे अपनी परंपराओं से जुड़ते हैं।
खैरागढ़ निवासी घनश्याम तिवारी ने बताया कि परिषद् द्वारा इस तरह के सामूहिक उपनयन संस्कार लगातार आयोजित किए जाते रहे हैं। इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए बटुकों ने इसमें भाग लिया। आयोजन सफल और सुव्यवस्थित रहा, जिसे समाज के लोगों ने सराहा।