कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक में रेत खदानों को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद गहरा गया है। देर रात कोरर चौक पर 10 से अधिक गांवों के ग्रामीण एकत्र हुए और सांसद-विधायक की कथित कार्रवाई का विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना है कि इन रेत खदानों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही खदानों से प्राप्त आय का उपयोग तालाब, मंदिर, देवगुड़ी, बोरवेल और अन्य विकास कार्यों में किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि अपने निजी स्वार्थों के लिए इन खदानों को बंद करवाना चाहते हैं। दूसरी ओर विधायक सावित्री मंडावी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध रेत खदानों से नहीं, बल्कि अवैध चैन माउंटेन के उपयोग और भारी हाइवा वाहनों के अत्यधिक परिवहन से है।
उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, पुल क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। विधायक ने स्थानीय लोगों को ट्रैक्टर के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही।