दंतेवाड़ा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की आईडी हैक कर प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में करीब 60 लाख रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में 1400 से ज्यादा फर्जी लाभार्थियों का पंजीयन मिला है। इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर योजना पोर्टल में फर्जी एंट्री किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोप है कि फर्जी हितग्राहियों के नाम पर करीब 60 लाख रुपए की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। प्रारंभिक जांच में 1400 से अधिक फर्जी हितग्राहियों के पंजीयन की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि विभागीय पोर्टल में फर्जी बैंक खाते जोड़कर लंबे समय से राशि निकाली जा रही थी। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित आईडी ब्लॉक कर दी है और ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि विभाग की आईडी और पासवर्ड की जानकारी बाहर कैसे पहुंची।
जांच के दायरे में विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी बताए जा रहे हैं। प्रशासन को कई गांवों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संदिग्ध पंजीयन और भुगतान की जानकारी मिली है।
कलेक्टर बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि बारसूर, बचेली, गीदम, कटेकल्याण और कुआकोंडा क्षेत्र सहित कई इलाकों में फर्जी हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी भी की जा रही है।
कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा है कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मातृ वंदन योजना में गड़बड़ी, 2025-26 से मिल रही थीं शिकायतें
दरअसल, साल 2025 और 2026 के दौरान योजना के क्रियान्वयन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से गड़बड़ी बढ़ती गई।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए चलाई जाती है। ऐसे में हितग्राहियों तक राशि नहीं पहुंचने से सरकारी निगरानी व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।