हजारों ग्रामीणों ने रैली निकालकर शिविर में घेरा प्रशासन, मंच छोड़ जमीन पर बैठकर हुई सीधी चर्चा
पूरन मेश्राम/मैनपुर। गरियाबंद जिले के राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोना में आयोजित सुशासन तिहार 29
मई शुक्रवार को जनआक्रोश का केंद्र बन गया। क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, युवा साथी, महिलाएं एवं जनप्रतिनिधि एकजुट होकर शिविर स्थल पहुंँचे और शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की।कार्यक्रम से पूर्व क्षेत्रवासी पुराने प्राथमिक शाला गोना के पास एकत्रित हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में शिविर स्थल पहुंचे। मंच में पहुंँचने के बाद क्षेत्र के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना एवं सेवा-अर्जी की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब समस्याएं जमीन की हैं तो चर्चा भी जमीन पर होगी।
न कोई जनप्रतिनिधि मंच पर बैठा और न ही अधिकारी, सभी लोग जमीन पर बैठकर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करते नजर आए।
17 प्रमुख आवेदनों पर कलेक्टर ने अधिकारियों से माइक में मांगा जवाब
क्षेत्रवासियों की ओर से कुल 17 प्रमुख आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार, आबादी पट्टा, खाद-बीज, धान खरीदी केंद्र, अधूरे निर्माण कार्य एवं जल जीवन मिशन जैसी गंभीर समस्याएं शामिल रहीं।
जिला कलेक्टर ने एक-एक आवेदन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को बुलाकर माइक में जवाब देने कहा कि संबंधित समस्याओं का समाधान कितने दिनों में किया जाएगा।
बैठक के दौरान क्षेत्र में वर्षों से लंबित विद्युतीकरण, खराब पड़े सोलर सिस्टम की क्षमता वृद्धि, शोभा हायर सेकंडरी एवं भूतबेड़ा हाई स्कूल भवन निर्माण, भूतबेड़ा-कोकड़ी में उप स्वास्थ्य केंद्र, गरहाडीह में धान खरीदी केंद्र,मोंगराडीह मे बन रहे अधूरा बालक छात्रावास जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य, किसानों को पर्याप्त खाद एवं डीजल, सामुदायिक वन संसाधन पट्टा, वन विभाग द्वारा किसानों को प्रताड़ित किए जाने सहित कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा गया।
कलेक्टर बोले — शासन स्तर के मामलों को सरकार तक भेजेंगे
जिला कलेक्टर ने कहा कि“क्षेत्रवासियों द्वारा दिए गए कई आवेदन जिला स्तर के हैं, जिन पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जाएगी। वहीं अधिकांश आवेदन शासन स्तर से जुड़े हुए हैं, जिन्हें शासन के पास भेजा जाएगा। प्रयास रहेगा कि समय रहते कार्य हो सके और लोगों की समस्याओं का समाधान हो।”
“क्या ये क्षेत्र भारत और छत्तीसगढ़ का हिस्सा नहीं है?” — संजय नेताम का तीखा हमला
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं युवा नेता संजय नेताम ने शासन-प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा“क्या राजापड़ाव क्षेत्र भारत देश और छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा नहीं है क्या?
आखिर क्यों आज भी यहां के लोग सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने मजबूर हैं?
शासन-प्रशासन सिर्फ झूठा आश्वासन देता है,लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं देता।
आदिवासी क्षेत्रों को केवल भाषणों और घोषणाओं में याद किया जाता है, जबकि हकीकत में लोग आज भी अंधेरे में जी रहे हैं।”
नेताम ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी बड़ा जनआंदोलन करने मजबूर होंगे।
“हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे” — दैनिक मंडावी
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक मंडावी ने कहा हम किसी गलत मांग को लेकर नहीं लड़ रहे हैं।
क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
शासन-प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
“युवा अब जाग चुका है” — पतंग मरकाम
जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम ने कहा अब क्षेत्र का युवा अपने हक और अधिकार के लिए जाग चुका है।
वर्षों की उपेक्षा और अनदेखी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जब तक क्षेत्र का विकास नहीं होगा, संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
हजारों लोगों की उपस्थिति ने बढ़ाया दबाव
सुशासन तिहार के इस जनचौपाल में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों की हजारों की संख्या में उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। वरना आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र के
मुखियाओ के टीम को कलेक्टर गरियाबंद के द्वारा सोमवार के दिन छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया। ताकि क्षेत्र के मूलभूत बुनियादी मांग को लेकर व्यापक रूप से जन संवाद करते हुए समाधान हो सके। सुशासन त्यौहार में प्रमुख रूप से जिला के कलेक्टर एसपी डीएफओ सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ प्रमुख रूप से संजय नेताम जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती लोकेश्वरी नेताम जिला पंचायत सदस्य, दैनिक राम मंडावी किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष, पतंग मरकाम जय अंबेडकरवादी युवा संगठन अध्यक्ष, फूलचंद मरकाम जनपद सदस्य, श्रीमती रमूला बाई मरकाम जनपद सदस्य, सुनील मरकाम सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष, पूरन मेश्राम, फूलमती बाई नेताम सरपंच अड़गडी, घनश्याम मरकाम सरपंच शोभा, श्रीमती निरबत बाई नेताम सरपंच गोना, श्रीमती दुखिया बाई मरकाम सरपंच भूतबेड़ा दीनाचंद मरकाम सरपंच कोचेंगा, शंकर लाल नेताम सरपंच गरहाडीह, चिमन नेताम सरपंच गौरगाँव,श्रीमति कृष्णाबाई सरपंच कोकड़ी, रोहन नेताम,पुरुषोत्तम परदे, नकुल नागेश अजय नेताम, रविंद्र मरकाम, नरसोत्तम नेताम, राहुल निर्मलकर, पूसऊ राम निर्मलकर, रामदेव मरकाम, उमेश मरकाम, रमेश नेताम, मदनलाल नेताम, मंगलूराम मरकाम, रामचंद्र परदे, दुर्जन मरकाम, हेमलाल नागेश, लोकेश मरकाम, गोपाल मरकाम, निरंजन नेताम, विक्रम नेताम सहित क्षेत्र भर के हजारों की संख्या में महिला पुरुष सुशासन त्यौहार में शामिल रहे।