लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटर्स की जांच की गई। इस दौरान सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
बुधवार की रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) और जरूरी सुरक्षा इंतजाम न होने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है।
इन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं, गंभीर लापरवाही पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया है। वहीं बीजेपी के नेता ने कार्रवाई का विरोध किया है।
दूसरी ओर, बिलासपुर में भी पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम ने 6 कोचिंग सेंटरों की जांच की। इनमें से 5 सेंटरों में बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुमति), इमरजेंसी एग्जिट और फायर फाइटिंग इक्विपमेंट (आग बुझाने के उपकरण) जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली। इस कार्रवाई के तहत नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन करने वाली उड़ान एकेडमी को फौरन सील कर दिया गया, जबकि बाकी 5 सेंटरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटर्स की जांच की गई। इस दौरान सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
बुधवार की रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) और जरूरी सुरक्षा इंतजाम न होने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है।
इन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं, गंभीर लापरवाही पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया है। वहीं बीजेपी के नेता ने कार्रवाई का विरोध किया है।
दूसरी ओर, बिलासपुर में भी पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम ने 6 कोचिंग सेंटरों की जांच की। इनमें से 5 सेंटरों में बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुमति), इमरजेंसी एग्जिट और फायर फाइटिंग इक्विपमेंट (आग बुझाने के उपकरण) जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली। इस कार्रवाई के तहत नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन करने वाली उड़ान एकेडमी को फौरन सील कर दिया गया, जबकि बाकी 5 सेंटरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
दुर्ग में करीब 200 कोचिंग सेंटर चलने का अनुमान
दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर्स और ट्यूटोरियल संस्थान संचालित होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा कोचिंग सेंटर भिलाई के न्यू सिविक सेंटर इलाके में हैं। यहां 100 से अधिक कोचिंग सेंटर्स संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
बुधवार को एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने करीब 2 घंटे तक कोचिंग सेंटर्स का इंस्पेक्शन किया। जांच में एक भी ऐसा कोचिंग सेंटर नहीं मिला, जहां सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। ज्यादातर सेंटर्स में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
फायर एक्स्टिंग्विशर एक्सपायर मिले
कहीं फायर एक्स्टिंग्विशर एक्सपायर मिले तो कहीं उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। टीम ने कोचिंग सेंटर्स में इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की, लेकिन किसी भी संस्थान में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं मिला। कई जगह बिल्डिंग के भीतर आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था।
पतली गली में बनी सीढ़ियां, इमरजेंसी में कूदना ही ऑप्शन
इसके अलावा कुछ सेंटर्स में स्टूडेंट्स की संख्या के मुकाबले जगह भी बेहद कम पाई गईं। कई ऐसे कोचिंग भी मिले जहां इतनी पतली सीढ़ियां बनी थी कि वहां से एक बार में एक ही स्टूडेंट्स चढ़ सकता है। अगर कभी इस तरह की अनहोनी यहां होती है तो छात्रों को उंची बिल्डिंग से कूदना ही एकमात्र विकल्प बचेगा।