राजापड़ाव का विश्व आदिवासी दिवस ऐतिहासिक, हक-अधिकार के लिए संघर्ष का संकल्प

Chhattisgarh Crimesसंजय नेताम-सुनील मरकाम-पतंग मरकाम के नेतृत्व में 62 गांवों की हुंकार
पेसाएक्ट-एफआरए-पांचवी अनुसूची लागू करो

पूरन मेश्राम/मैनपुर।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर जोन राजापड़ाव क्षेत्र का विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस इस बार भी ऐतिहासिक रहा। ग्राम शोभा में आयोजित कार्यक्रम में 62 गांँवों पारा टोला से हजारों ग्रामीण शामिल हुए।जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम,सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष सुनील मरकाम एवं जय अंबेडकरवादी युवा संगठन अध्यक्ष पतंग मरकाम के नेतृत्व में हजारों युवाओं ने बाइक रैली निकालकर एकजुटता का संदेश दिया।मंच से बुजुर्ग सियानों के मार्गदर्शन में हक-अधिकार के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी मूलनिवासी संस्कृति को बचाते हुए जल-जंगल-जमीन की रक्षा जरूरी है।क्षेत्र में पांचवी अनुसूची, एफआरए और पेसा एक्ट जैसे कानूनों का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा,इसे भी पुरजोर तरीके से उठाया गया।

Chhattisgarh Crimesकार्यक्रम की खास बात रही कि वक्ताओं का उद्बोधन गोंडी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी में गूंजा। बुजुर्गों और युवाओं ने एक स्वर में कहा कि राजापड़ाव क्षेत्र के गांवों की दशा और दिशा बदलने के लिए विकास प्राथमिकता है। क्षेत्र के विकास की बात होगी तो राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र हित सर्वोपरि रहेगा।

Chhattisgarh Crimesआदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी कि शासन-प्रशासन भेदभाव बंद करे, अन्यथा सैद्धांतिक जन आंदोलन और व्यापक होगा।

Chhattisgarh Crimesइस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय नेताम, सुनील मरकाम, पतंग मरकाम के साथ सीमा मरकाम, दुर्गा मरकाम और प्रतिमा नेताम के नेतृत्व में युवाओं की टीम ने अहम भूमिका निभाई। सभा का सफल संचालन शिक्षक हेमराज ध्रुव,पवन ठाकुर और रामेश्वर ध्रुव ने किया। हजारों की संख्या में आए क्षेत्रवासियों को एक सूत्र में बांधने के लिए क्षेत्रवासियों ने संचालकों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।