बिलासपुर में पुलिस ने नशे के सामान बेचने वालों के खिलाफ एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के सप्लायर को गिरफ्तार किया है। उसने ट्रेन के माध्यम से युवक और उसके रिश्तेदारों को नशीली दवाइयों का जखीरा भेजा था। नशे का सामान बरामद करने के बाद पुलिस की टीम मथुरा पहुंची, जहां से आरोपी सप्लायर को ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। पूरा मामला सीपत थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, पुलिस की टीम ने 11 सितंबर को ग्राम गुड़ी लोनियापारा निवासी उग्रसेन लोनिया, मुकेश कुमार लोनिया और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा को पकड़ा था। उनके कब्जे से 20 लाख रुपए कीमती 4743 नग प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल और टेबलेट बरामद की गई थीं।
आरोपियों से 2 मोबाइल भी जब्त किए गए थे। तीनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि वे मथुरा उत्तर प्रदेश निवासी राहूल अग्रवाल के संपर्क में थे और उसी से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट मंगवाते थे।
मथुरा में घेराबंदी कर आरोपी को किया गिरफ्तार
इसके बाद से पुलिस सप्लायर की तलाश कर रही थी। इसके लिए पुलिस की टीम मथुरा भी गई। जहां गोविंद नगर में आरोपी राहूल अग्रवाल (46) की घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े अपराध को स्वीकार किया।
जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने उसे बिलासपुर लाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22 और 29 के तहत कार्रवाई की है।