सारंगढ़-बिलाईगढ़ के सरसींवा पुलिस ने रात में ट्रक रोककर लूटपाट करने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। आरोपियों ने ट्रक रोककर चालक और उसके साथी से मारपीट की थी।
पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, गैस चूल्हा, कोल्डड्रिंक की पेटियां और वारदात में इस्तेमाल 4 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक, राजशांति प्रकाश बिके अपने भाई के साथ ट्रक क्रमांक MH 33T7010 में ओडिशा के बरगढ़ से कोल्डड्रिंक की पेटियां लेकर बिलासपुर जा रहे थे। वे सरायपाली-सरसींवा मार्ग से गुजर रहे थे।
18 सितंबर की रात करीब 2:30 बजे गाताडीह के सरकारी अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर चार मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपियों ने ट्रक को रोक लिया।
पत्थर मारकर तोड़ा शीशा, चालक से मारपीट
आरोपियों ने ट्रक के सामने आकर पत्थर मारकर शीशा तोड़ दिया। इसके बाद चालक और उसके साथी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोपियों ने दोनों को डराया-धमकाया और उनका मोबाइल फोन, गैस चूल्हा और ट्रक में रखी कोल्डड्रिंक की पेटियां छीन लीं। वारदात के बाद सभी मौके से फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट सरसींवा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अलग-अलग टीमें बनाकर संदिग्धों की तलाश शुरू की।
सुनसान रास्ते पर दूसरे राज्यों की गाड़ियां लूटने की बनाई थी योजना
जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने यशवंत साहू उर्फ सोनू साहू, शशांक रात्रे उर्फ राजा रात्रे, यशस्वी साहू उर्फ बंटी साहू, छोटेलाल साहू, देवेंद्र साहू उर्फ नानू, पुष्पेंद्र चौहान और मुकेश कुर्रे से पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि गाताडीह से सरसींवा जाने वाले सुनसान रास्ते पर रात में दूसरे राज्यों की गाड़ियों को लूटने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत ट्रक को रोककर चालक और उसके साथी से मारपीट की और सामान आपस में बांट लिया।
4 बाइक और लूटा हुआ सामान बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल 4 मोटरसाइकिलें, प्रार्थी का मोबाइल फोन, गैस चूल्हा और कोल्डड्रिंक की पेटियां बरामद की हैं।
पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। वहीं, मामले में शामिल विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई है।