राजधानी में 27 सितंबर की रात निकलने वाली गणेश झांकी में भीड़ और भगदड़ रोकने के लिए इस बार सड़क के केवल एक ओर मंच लगाने की अनुमति होगी। दूसरा हिस्सा झांकियों के लिए खाली रखा जाएगा। मंच का आकार भी तय होगा और बड़े मंच लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल झांकी पुराने रूट शारदा चौक, जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली और सदरबाजार से निकालने की तैयारी है।
कुछ समितियों ने कोतवाली से सप्रे शाला रोड, बूढ़ातालाब होते हुए पुरानी बस्ती का वैकल्पिक रूट सुझाया है। उनका कहना है कि सदरबाजार की सड़क संकरी है और दोनों ओर दुकान-मकान होने से बढ़ती भीड़ के बीच भगदड़ का खतरा रहता है।
कुछ मकान जर्जर भी हैं। सप्रे शाला रोड अपेक्षाकृत चौड़ी है, लेकिन एक ओर तालाब होने के कारण वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी।
27 को गणेश झांकी, इसलिए नई व्यवस्था: प्रतिमाओं की एंट्री शारदा या गुरुनानक चौक से
पुलिस ने झांकी समितियों की बैठक बुलाई है, जिसमें दोनों रूट पर चर्चा और रायशुमारी के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। विसर्जन के लिए जाने वाली गणेश प्रतिमाएं शारदा चौक या गुरुनानक चौक से ही झांकी मार्ग में प्रवेश करेंगी। पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर और सुंदर नगर रोड से अचानक एंट्री नहीं मिलेगी। झांकियां गुजरने के बाद जरूरत के अनुसार बीच के रास्तों से प्रवेश दिया जाएगा या प्रतिमाओं को दूसरे रूट पर भेजा जाएगा।