छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में हजारों एकड़ जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग की गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में हजारों एकड़ जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग की गई है। इसे लेकर बस्तरिया राज मोर्चा (BRM) ने गुरुवार को जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने जमीन के रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक कब्जाधारियों को जमीन का अधिकार देने, वन अधिकार पट्टे जारी करने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।

मोर्चा का आरोप है कि कोंटा ब्लॉक के कई गांवों में हजारों एकड़ जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में मुगनामी दर्ज है। इन जमीनों पर आदिवासी परिवार पीढ़ियों से खेती कर रहे हैं, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज नहीं हैं। मोर्चा ने जांच कर वास्तविक कब्जाधारी परिवारों के नाम जमीन का रिकॉर्ड करने और उन्हें अधिकार देने की मांग की।

मालिक मकबूजा के नाम पर जमीन खरीदने का मुद्दा उठाया

ज्ञापन में मालिक मकबूजा के नाम पर आदिवासियों की जमीन खरीदने और पेड़ काटने के बाद भी जमीन वास्तविक मालिकों को वापस नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। मोर्चा ने इसकी जांच कर जमीन का रिकॉर्ड वास्तविक मालिकों के नाम पर करने की मांग की।

हर पात्र परिवार को 10 एकड़ तक पट्टा देने की मांग

मोर्चा ने कोंटा ब्लॉक के वन गांवों में वन अधिकार कानून के तहत हर पात्र परिवार को 10 एकड़ तक जमीन का पट्टा देने की मांग की। इसके साथ ही सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के पट्टे जारी करने की मांग भी की गई।

फसल नुकसान पर मुआवजा और कर्ज माफी की मांग

ज्ञापन में इस साल कम बारिश, तूफान और चक्रवाती बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया। मोर्चा ने प्रभावित किसानों को राहत राशि और उचित मुआवजा देने के साथ कृषि कर्ज माफ करने की मांग की।