दिल्ली: मेयर चुनाव में AAP की जीत, शैली ओबेरॉय एमसीडी की नयी मेयर निर्वाचित

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नयी दिल्ली। दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। आप उम्मीदवार शैली ओबेरॉय एमसीडी की मेयर चुन ली गई हैं। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार रेखा गुप्ता को हरा दिया। मेयर चुनाव में कुल 266 वोट पड़े। आम आदमी पार्टी उम्मीदवार शैली ओबेरॉय को जहां कुल 150 वोट मिले वहीं बीजेपी उम्मीदवार को कुल 116 वोट मिले। मेयर चुनने के तीन असफल प्रयासों के बाद हुई नगर निगम सदन की बैठक में इस पद पर चुनाव के लिए बुधवार को मतदान हुआ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मीनाक्षी लेखी और हंस राज हंस सबसे पहले मतदान करने वालों में शामिल रहे। दिल्ली का नया मेयर चुनने के लिए बुधवार को निगम सदन की कार्यवाही शुरू हुई।निगम सदन की बैठक निर्धारित समय से आधे घंटे की देरी से पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे आरंभ हुई, जिसमें महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति के छह सदस्यों के पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को दिया था आदेश

अस्थायी पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने कहा, ‘‘मैं सभी से सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करती हूं।’’ उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पिछले सप्ताह मेयर पद का चुनाव कराने के लिए निगम सदन की बैठक बुलाने की मंजूरी दे दी थी। शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को मेयर, डिप्टी मेयर और नगर निकाय की स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव की तारीख तय करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की पहली बैठक बुलाने के लिए 24 घंटे के भीतर नोटिस जारी करने का आदेश दिया था।

शैली ओबेरॉय ने दाखिल की थी याचिका

न्यायालय ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की मेयर पद की उम्मीदवार शैली ओबेरॉय की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उपराज्यपाल द्वारा एमसीडी में नामित सदस्य मेयर चुनने के लिए मतदान नहीं कर सकते। दिल्ली नगर निगम (डीएमसी) अधिनियम, 1957 के अनुसार, नगर निगम चुनावों के बाद सदन के पहले सत्र में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाता है।

पिछले साल चार दिसंबर को हुए थे चुनाव

नगर निगम चुनाव हुए हालांकि दो महीने से अधिक समय हो गया है। नगर निगम चुनाव पिछले साल चार दिसंबर को हुए थे। नगर निगम चुनाव के एक महीने बाद छह जनवरी को पहली बार सदन की बैठक बुलाई गई थी। भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्यों के बीच तीखी बहस के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद 24 जनवरी और फिर छह फरवरी को बुलाई गई दूसरी और तीसरी बैठक भी इस कवायद को पूरा करने में विफल रही और दोनों बैठकों को मेयर का चुनाव किए बिना स्थगित कर दिया गया।