
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने प्रधानमंत्री आवास का मामला उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गरीबों से पैसा लिया जाता, फिर आवास स्वीकृत किया जाता है. इस पर मंत्री शिव कुमार डहरिया के जवाब से असंतुष्ट हो भाजपा सदस्यों ने सदन से वाक आऊट किया.
इसके पहले नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने जांजगीर-चांपा जिला अंतर्गत नगरीय निकाय द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का मामला उठाते हुए पूछा कि 2020 मार्च से 2023 तक प्रधानमंत्री आवास हेतु कितने आवासों का लक्ष्य नगरीय निकायों को मिला था. मंत्री शिव कुमार डहरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नगरीय निकाय हेतु वर्ष वार लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है.
विपक्ष के सदस्यों ने इस मुद्दे पर मंत्री डहरिया को घेरा. मंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्य उत्तर सुनना ही नहीं चाहते हैं. भाजपा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि आवास बनने के पहले हो भुगतान कर दिया गया है. शोर-शराबा देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कोई डिस्टर्ब न करें अन्यथा वे कार्यवाही स्थगित कर देंगे. मंत्री ने कहा कि केंद्र से पैसा नहीं मिला है इसलिए काम रुका हुआ है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूदा सरकार का आखिरी बजट आज 12.30 बजे पेश करेंगे। सीएम विधानसभा के लिए रवाना हो गए हैं। अभी सदन में प्रश्नकाल के बीच सरकार और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा जारी है। इस बार का बजट सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार इसे ‘भरोसे का बजट’ नाम से पेश कर रही है। चुनावी साल कोई नया कर लागू नहीं होने और अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की उम्मीद जताई गई है।
शनिवार शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि, आने वाला बजट सपनों को नई हकीकत देने वाला होगा। ये आसमान की नहीं बल्कि जमीन की बात करेगा। बहुत अधिक लोक लुभावन स्कीमें न होकर, धरातल पर असर करने वाली बातें अधिक होंगी। कर्मचारी, किसान, महिलाएं और प्रदेश के शिक्षित युवाओं के हिस्से क्या कुछ आता है ये मुख्यमंत्री का पिटारा खुलने के बाद साफ होगा।