बंटी-बबली से कम नहीं है पति-पत्‍नी की यह जोड़ी, युवाओं को नौकरी का झांसा देकर अब तक ठग चुके हैं 21 लाख

Chhattisgarh Crimes

कांकेर। ठगी और फर्जीवाड़े को काफी चतुराई से अंजाम देने वाने पति-पत्‍नी छत्‍तीसगढ़ पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। पत्नी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने वाले पति-पत्‍नी तक पुलिस के हाथ अब तक नहीं पहुंच सके हैं। यह शातिर पति-पत्‍नी बंटी-बबली की तर्ज पर कई युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर अब तक 21 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।

ठगी डिप्टी रेंजर बताकर नौकरी दिलाने आठ लाख की ठगी

शातिर पति-पत्‍नी के खिलाफ ठगी का एक और मामला भानुप्रतापपुर थाना में दर्ज किया गया है। यहां आरोपित ने पत्‍नी संग भानुप्रतापपुर कोतवाली अंतर्गत खुद को डिप्टी रेंजर बताकर वन विभाग में वाहन चालक की नौकरी लगाने के नाम पर आठ लाख की ठगी करने वाले युवक के ऊपर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

भानुप्रतापपुर के कर्मचारी कालोनी निवासी भुवन लाल भुवार्य ने लिखित शिकायत कर बताया कि करण पांडेय निवासी डोडरीपारा पिपरा (बहीगांव) जिला कोंडागांव से 10 फरवरी 2022 को मोबाइल से संपर्क हुआ था। आरोपित करण पांडेय ने खुद को वन विभाग में डिप्टी रेंजर तथा अपनी पत्नी को जिला कलेक्टर कार्यालय में बाबू के पद पर पदस्थ होना बताया।

साथ ही कलेक्ट्रेट कांकेर में भृत्य के 175 पदों में भर्ती होने की जानकारी देते हुए नौकरी दिलाने की बात कही। पीड़ित भुवन लाल ने अपने बेटे धनराज भुवार्य और बेटी कन्या कुमारी की नौकरी के लिए आरोपित करण पांडेय को अलग-अलग माह में बैंक खाता व नकद राशि आठ लाख रुपये दिया था। आरोपित ने पीड़ित के बेटे-बेटियों को 17 जनवरी 2023 तक नौकरी लगाने का वादा किया था।

कलेक्टर का फर्जी हस्ताक्षर कर दिया नियुक्ति पत्र

आरोपित द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर पैसा लेकर कलेक्टर व अन्य अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र दिया गया था। नियुक्ति पत्र में अंकित तिथि पर संबंधित कार्यालय पहुंचकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे। जहां पहुंचने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पैसे वापस मिलने के उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित ने थाना में शिकायत नही किया था। लेकिन लंबे समय से आरोपित का मोबाइल बंद होने के कारण पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। मामले में पुलिस ने आरोपित के उपर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तलाश कर रही है।

नौकरी लगाने के नाम पर कई लोगों से लिए रुपये

पीड़ित भुवन लाल भुवार्य ने बताया कि आरोपित करण पांडेय ने कई और लोगों से भी नौकरी दिलाने ठगी की है। ग्राम आंधेवाडा के प्रीतम पटेल से तीन लाख रुपये, उत्तम पटेल से दो लाख 20 हजार रुपये, अंतागढ के सुरेश सलाम से पांच लाख, भैंसासुर के हेमकला से एक लाख 30 हजार, चौगेल भानुप्रतापपुर के साधना हिचामी से दो लाख कुल पांच लोगों से अलग-अलग नौकरी के नाम पर कुल 13 लाख 50 हजार रुपये लिया गया है। फिलहाल पीड़ित भुवन लाल भुवार्य ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। जिस पर पुलिस द्वारा धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश की जा रही है।

पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत

आरोपित द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकयत शुक्रवार को पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से की थी। पीड़ितों ने लिखित शिकायत में बताया कि आरोपित द्वारा वन विभाग डिप्टी रेंजर तथा अपनी पत्नी को कलेक्ट्रेट में बाबू बताकर दोनों वन विभाग तथा कलेक्ट्रेट में नौकरी लगाने के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी करते हुए फर्जी नियुक्ति पत्र दिया है। आरोपित व उसकी पत्नी मोबाईल बंद कर फरार है। संपर्क नही होने पर पीड़ितों ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक में शिकायत पत्र दिया है।

भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी तेज वर्मा ने कहा, नौकरी लगाने के नाम रुपये लेने की शिकायत भुवन लाल भुवार्य ने की है। जिस पर प्रकरण दर्ज कर आरोपित के बैंक खाते में भुगतान की गई राशि के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपित का तलाश किया जा रहा है।