डिप्टी कलेक्टर गबेल के खिलाफ एसीबी ने दर्ज की एफआईआर, 8 साल की नौकरी में बनाई 2 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी

Chhattisgarh Crimes

बिलासपुर। तहसीलदार रहते हुए बिल्डर्स के साथ पार्टनरशिप और सरकारी जमीन निजी व्यक्तियों के नाम पर चढ़ाने की अनेक शिकायतों से घिरे हाल ही में पदोन्नत बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पांच माह पहले एसीबी में बिलासपुर में तहसीलदार रहे नारायण प्रसाद गबेल के खिलाफ दस्तावेजों के साथ शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया था कि महज आठ साल की नौकरी में उसने 2 करोड़ रुपये की अकूत सम्पत्ति बनाई है। एसीबी ने जांच में पाया है कि गबेल ने सोने चांदी के जेवर, फिक्स डिपाजिट व म्यूच्यल फंड में करीब 70 लाख रुपये निवेश किये हैं। पिता और अपने परिजनों के नाम पर गबेल ने करीब एक करोड़ की संपत्ति खरीदी है। सरिता विहार, बिलासपुर में एक बड़ा मकान अपने नाम पर ही खरीदा है। कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के गिधौरी ग्राम में उनके तथा परिवार के सदस्यों के नाम के पांच प्लाट हैं, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। गबेल और उसके साले के नाम पर तीन लग्ज़री कार और एक बाइक का भी पता लगा है।

बिलासपुर तहसीलदार रहते हुए गबेल पर आरोप लगा कि उसने कई सरकारी जमीनों को निजी व्यक्तियों के नाम पर चढ़ा दिया। साथ ही ऐसी जमीन जिसका कोई दावेदार बरसों से नहीं था, उनका भी दूसरे के नामों पर नामांतरण कर दिया। उन पर यह भी आरोप है कि बिल्डर्स और प्रापर्टी डीलर्स के साथ मिलकर वे जमीन के धंधे में लगे हैं। शिकायतें लगातार आ रही थी लेकिन राजस्व अधिकारियों की ओर से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, उल्टे हाल ही में वे प्रमोशन पाकर डिप्टी कलेक्टर बन गये। उनका बीजापुर तबादला होने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ अभी कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13-1बी व 13-2 के तहत गबेल के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

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