
पूरन मेश्राम/मैनपुर। भीषण गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पानी के लिए कितना संकटों से गुजरना पड़ता है।यह उन ग्राम वासियों से पूछिए जो बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। शासन प्रशासन के द्वारा लाखों रुपए खर्च करके शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को मिले इसके लिए विद्युत विहीन ग्रामों में सौर ऊर्जा या हैंड पंपों के माध्यम से पानी का व्यवस्था तो कर दिया जाता है।लेकिन उसके बिगड़ जाने के बाद कोई भी जिम्मेदार इसको बनाने के लिए तैयार नहीं होता। शायद बिगड़े हैंड पंपों के सुधार एवं सौर ऊर्जा पैनल के बिगड़ जाने के बाद उसके मरम्मत के लिए मैदानी इलाके में जिम्मेदारों को सरकार शायद फंड नहीं देती होगी जिसके वजह से आज तक के बिगड़ा हुआ है।