
पूरन मेश्राम/मैनपुर। बेमौसम बारिश होने के कारण तेंदूपत्ता खरीदी के लिए समय सीमा तय होने के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कहीं चालू तो कहीं के समितियो में शुरुआत भी नहीं हो पाई है। जिसके कारण समिति वाले भी सतर्क हो गए हैं और बाहरी समिति के लोगों के द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ने वालों को समझाइश देने के बाद भी नहीं मानने पर ग्रामीणों के द्वारा तेंदूपत्ता को जब्त भी कर रहे हैं
समिति के लोगों ने एक स्वर में कहा कि जंगल के सुरक्षा में हम लोग दिन रात डटे रहते हैं।
जंगल से आमदनी भी हमको मिलना चाहिए बाहरी व्यक्तियों के द्वारा इस तरह तेंदूपत्ता तोड़ कर ले जाएंगे तो हमें बर्दाश्त नहीं होगा।जिनका ताजा उदाहरण देखने को मिला,,,,,,आज दोपहर को बरदुला समिति के अंतर्गत झरियाबाहरा उखरुपारा के ग्रामीणों ने मैनपुर क्षेत्र के लोगों के द्वारा उनके जंगलों में आकर जबरदस्ती तेंदूपत्ता को तोड़कर ले जा रहे थे समझाइश देने के बावजूद भी नही मानने पर अंतत आज सबसे तेंदूपत्ता को पकड़कर जब्त कर लिया गया है। धीरे-धीरे जंगल क्षेत्र के रहने वाले रहवासियों के द्वारा सिमटते जंगलों से क्या नुकसान होना है यह समझ में आने लगा है। घेराबंदी कर तेंदूपत्ता को पकड़ने वालों में मुख्य रूप से राजकुमार ध्रुव,नोहर मरकाम, सरवन कुमार,चंद्रभान ध्रुव,गौरी बाई, तेज बाई,सेवती बाई,पार्वती बाई, सिया बाई,सरस्वती बाई,
रामबाई, बिजली बाई, हेमबाई, तारामती,आसोबाई शामिल रहे।