
उसलापुर में व्हाइट हाउस के पीछे रहने वाला प्रमोद जायसवाल (52) अपने दोस्त के साथ जनवरी 2024 में कोरबा जिले के उरगा गया था। तब उसकी पहचान नरोत्तम और उसकी पत्नी पूजा से हुई। इस दौरान दोनों ने मिलकर उसे क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्ट करने पर दो गुना पैसे मिलने का झांसा दिया।
खुद को कंपनी का सीईओ और पत्नी को बताया मैनेजर बातचीत में नरोत्तम ने खुद को क्रिप्टो करंसी वाली कंपनी का सीईओ बताया। साथ ही अपनी पत्नी को उसी कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर बताया था। कंपनी के काम से अक्सर बिलासपुर आने-जाने की बात भी बताई। उसने यह भी बताया कि कंपनी में 10 लाख रुपए निवेश करने पर एक साल में रुपए डबल मिलेंगे।
छह महीने में डबल पैसे देने का दिया झांसा इस मुलाकात के बाद प्रमोद बिलासपुर आ गया। इसके एक सप्ताह बाद नरोत्तम बिलासपुर पहुंच गया। उसने 6 लाख निवेश करने पर छह महीने में डबल पैसे मिलने का दावा किया। उसकी बातों में आकर प्रमोद ने अगस्त 2024 में अलग-अलग दो किस्तों में उसे 6 लाख रुपए दे दिए। कुछ दिनों बाद जब रुपए मांगे तो खाते में जमा करने का झांसा दिया। इसके बाद नुकसान और पैसे डूबने की बात कह कर उसने रुपए लौटाने से इंकार कर दिया। उसकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।