कर्मचारियों को भाजपा का समर्थन, कहा- अगले साल सरकार बनते ही ब्रेक इन सर्विस का आदेश रद्द करेंगे

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राज्य के कर्मचारी अधिकारियों के हड़ताल पर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कर्मचारियों का वेतन रोककर सर्विस ब्रेक के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि अगले साल सरकार बनते ही भाजपा तानाशाही फरमान को रद्द कर देगी। कर्मचारी बिना डरे हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ें। भाजपा राज्य के कर्मचारियों के साथ है। हर जोर जुल्म की टक्कर में कर्मचारियों के संघर्ष को भाजपा का खुला सहयोग है।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता चंद्राकर ने कहा है कि सीएम भूपेश बघेल हर बात पर भाजपा सरकार के कंधे का सहारा लेते हैं तो वे जनता को बताएं कि भाजपा सरकार की किन-किन नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों से सहमत हैं। भूपेश बघेल वर्ष 2006 के जिस परिपत्र का हवाला दे कर सर्विस ब्रेक का फरमान सुना रहे हैं, वह आज के हालात में प्रासंगिक नहीं है। तब परिस्थितियां अलग थीं। वातावरण अलग था। आज तो पूरा प्रदेश अपने हक के लिए धरने पर बैठा है।

चंद्राकर ने कहा कि दरअसल यह सरकार कर्मचारी संगठनों को डीए और एचआरए जैसे सामान्य मुद्दों में उलझा कर रखना चाहती है, ताकि इनके घोषणा पत्र के क्रमोन्नति, चार स्तरीय उच्चतर वेतनमान, समयमान वेतनमान, नियमितिकरण जैसे बड़े वादों तक आंदोलन पहुंच ही न पाए। प्राकृतिक न्याय के तहत हमेशा से राज्य के कर्मचारियों को एक-दो माह में ही केंद्र के समान महंगाई और गृह भाड़ा भत्ता मिलता रहा है, लेकिन भूपेश बघेल सरकार राज्य के कर्मचारियों से अन्याय कर रही है और कर्मचारियों को दबाने गलत तरीके से हमारे कंधे का इस्तेमाल कर रही है।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार को दोमुंही नीतियां दिखाने वाला करार देते हुए कहा कि एक तरफ तो 4 तारीख को महंगाई के विरोध में धरना प्रदर्शन करने वाले हैं और दूसरी तरफ महंगाई भत्ता का जायज हक मांग रहे कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन से रोक रहे हैं। उन पर तानाशाही चला रहे हैं। वेतन काट रहे हैं। सर्विस ब्रेक कर रहे हैं, यह दोहरी नीति अब छत्तीसगढ़ में चलने वाली नहीं है। भाजपा विश्वास दिलाती है कि सरकार बनते ही फौरन इस तानाशाह सरकार के आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाएगा।