
बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वर्तमान में गजराज बांध का सिंचाई कार्यों में प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य कर इसे रायपुर शहर की नई “लाइफलाइन” बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बांध को पेयजल भंडार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संबंधित विभागों से समन्वय के निर्देश
राज्यपाल ने महापौर मीनल चौबे को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में जल्द ठोस पहल की जानी चाहिए।
राजधानी की बढ़ती आबादी के बीच अहम योजना
रायपुर की आबादी लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को जल भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल को शहर की दीर्घकालिक जल जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है।