
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया और मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई गई थी। जांच की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा संचालनालय के आयुक्त ने कुलसचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस में कहा गया है कि शुरुआती जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसलिए संबंधित अधिकारी से सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और सभी आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने को कहा गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट में वित्तीय और प्रशासनिक लापरवाही के संकेत
उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजी गई जांच रिपोर्ट में इन सभी बिंदुओं को गंभीर माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मामले में वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही की आशंका सामने आई है। इसी आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कुलसचिव को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद उच्च शिक्षा संचालनालय उनके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच करेगा। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।