
महिला केकती बाई सिन्हा धमतरी जिले के अरौद (अर्जुनी) की रहने वाली थी। दरअसल, केकती की आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए। लाइट जलाने पर बिस्तर के पास सांप दिखाई दिया। परिजनों ने रात में ही सांप को मार दिया। इसके बाद केकती को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन तलाशने लगे। वाहन मिलने में देरी होने के कारण इलाज में भी देर हो गई।
परिजन उसे जिला अस्पताल बालोद लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार धमतरी जिले के अरौद गांव में किया गया।
चारों बहनें तीजा मनाने मायके आई थीं
केकती के छोटे भाई मोहन सिन्हा ने बताया कि परिवार में चार बहनें हैं। तीजा मनाने के लिए सभी मायके आई थीं। रात में सभी जमीन पर एक साथ सो रही थीं। इसी दौरान केकती को पैर में सांप के काटने का अहसास हुआ और उसने आवाज लगाई।
परिवार के लोग जागे तो बिस्तर के पास सांप मिला। इसके बाद वाहन की व्यवस्था कर केकती को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया
केकती के पति गंगा प्रसाद सिन्हा ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बेटी डोमेश्वरी (9) कक्षा 6वीं और बेटा जिज्ञासु (10) कक्षा 4वीं में पढ़ता है। दोनों मां के साथ तीजा मनाने आना चाहते थे, लेकिन अरौद में ही रुक गए।
पति को घटना की जानकारी सुबह करीब 4 बजे मिली। इसके बाद वे बालोद पहुंचे। तब तक केकती की मौत हो चुकी थी।
मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंपा
बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामला ग्राम मोहारा का है। मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने धमतरी जिले के अरौद गांव में अंतिम संस्कार किया है।